रायपुर

रायगढ़ के जंगल में हाथियों के दल से बिछड़ा 2 साल का शावक, वन विभाग कर रहा निगरानी

15 अगस्त विज्ञापन

रायगढ़ जिले के जंगल में हाथियों के दल से 2 साल का शावक बिछड़ गया है। वह अकेले आसपास के इलाके में घूम रहा है। वन विभाग की टीम उस पर लगातार नजर रख रही है। साथ ही शावक को उसके दल से मिलाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों से शावक से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। मामला बोरो रेंज का है।

बुधवार सुबह लोगों ने बाजारदांड के पीछे चाल्हा के पास राजस्व जंगल में शावक को घूमते देखा। उसके आसपास हाथियों का कोई दल नजर नहीं आया। इसके बाद ग्रामीणों ने वन कर्मियों को इसकी जानकारी दी। वनकर्मी मौके पर पहुंचे और शावक की तस्दीक की। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई।

इसके बाद डीएफओ सत्यदेव शर्मा, बोरो रेंजर उमाशंकर पटेल समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग को जानकारी मिली कि शावक 7 हाथियों के दल में था। रात में दल आगे बढ़ गया, लेकिन शावक पीछे रह गया। दल से बिछड़ने के बाद शावक आसपास ही घूम रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों ने शावक को केला और केले का पौधा दिया। अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। डॉक्टरों की सलाह पर उसके खाने का इंतजाम किया गया। शावक को दूर से केला और केले का पौधा दिया गया। उसने केला पूरा खा लिया, लेकिन पानी नहीं पिया।

वनकर्मी दूर से शावक की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही उसके दल का पता लगाया गया। विभाग को जानकारी मिली कि उसका दल क्रिंधा सर्किल के कुरूपानी क्षेत्र में घूम रहा है। शावक बीच-बीच में चिंघाड़ रहा है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। बोरो रेंज का स्टाफ, हाथी मित्र दल और उड़नदस्ता टीम उसकी निगरानी कर रही है।

वनकर्मियों ने बताया कि शावक के करीब जाने की कोशिश करने पर वह दौड़ाने लगता है। इसलिए टीम उसके पास जाने के बजाय दूर से ही नजर रख रही है। आसपास के ग्रामीणों को भी शावक के करीब नहीं जाने और प्रभावित क्षेत्र के जंगल में प्रवेश नहीं करने की समझाइश दी गई है। चाल्हा समेत आसपास के गांवों में मुनादी भी कराई गई है।

बोरो वन परिक्षेत्राधिकारी उमाशंकर पटेल ने बताया कि शावक करीब 2 साल का है। उसके करीब जाने की कोशिश करने पर वह दौड़ाने लगता है। इसलिए स्टाफ दूर से उसकी निगरानी कर रहा है। उन्होंने बताया कि शावक को खाने के लिए केला और केले का पेड़ दिया गया था, जिसे उसने पूरा खा लिया। दल से मिलाने के लिए उस पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से भी उसके करीब नहीं जाने की अपील की गई है।

बोरो रेंज में फिलहाल इसके अलावा 14, 7 और 2 हाथियों के दल भी विचरण कर रहे हैं।

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