पत्थलगांव लैंड स्कैम : आयुष अग्रवाल और नरेश सिदार के ‘खसरा-तंत्र’ का पर्दाफाश; PMO तक पहुंची ‘जातीय गिरगिट’ और करोड़ों के बैंक खेल की गूंज!…
Pathalgaon Land Scam: The 'land record manipulation' scheme of Ayush Agrawal and Naresh Sidar exposed; the repercussions of the 'caste-based manipulation' and multi-crore bank fraud reach the PMO!...

गौरीशंकर गुप्ता /पत्थलगांव। जिले में आदिवासी जमीनों को हड़पने और उनके दस्तावेजों के साथ ‘जादूगरी’ करने का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। स्वतंत्र पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा की शिकायत और एक एक्सक्लूसिव ऑडियो क्लिप ने आयुष अग्रवाल और नरेश कुमार सिदार के उस गठजोड़ की पोल खोल दी है, जो शासन के कड़े नियमों को ठेंगा दिखाकर जमीनों का स्वरूप बदल रहे हैं।
आयुष अग्रवाल : पर्दे के पीछे का असली ‘खिलाड़ी’? –
सामने आई ऑडियो कॉल से साफ जाहिर होता है कि पत्थलगांव का आयुष अग्रवाल जमीनों के बड़े सौदों में सीधे तौर पर लिप्त है। ऑडियो में आयुष न केवल जमीनों के रेट तय कर रहा है, बल्कि लुड़ेग रोड जैसी प्राइम लोकेशन पर 5-10 एकड़ जमीन के लिए रायपुर की बड़ी पार्टियों को साधने की बात भी कर रहा है। आयुष की पत्रकार से यह ‘सीक्रेट कॉल’ क्षेत्र में सक्रिय उस सिंडिकेट की ओर इशारा करती है, जो आदिवासियों की जमीन को ‘इन्वेस्टमेंट’ का जरिया बना चुका है।
नरेश सिदार की ‘जातीय गिरगिट’ वाली कला :
इस खेल का सबसे चौंकाने वाला मोहरा नरेश कुमार सिदार (पिता अजब सिंह) है। दस्तावेजों के अनुसार, वह एक ही समय में दो अलग-अलग जातियों का लाभ ले रहा है:
पालीडीह के रिकॉर्ड में: उसे ‘गोंड’ जनजाति का बताया गया है।
पत्थलगांव खसरा 513/85/ख में: वह अचानक ‘उरांव’ जनजाति का बन जाता है।
यह प्रशासनिक चूक है या आदिवासी जमीन के नियमों को बाईपास करने के लिए रचा गया फर्जीवाड़ा, इसकी सूक्ष्म जांच की मांग की गई है।
‘डायवर्जन’ का खेल और HDFC बैंक का असीम प्रेम :
नरेश सिदार ने पत्थलगांव स्थित अपनी जमीनों (खसरा नं. 513/15/क/5, 513/24/क आदि) को खेती से हटाकर “वाणिज्यिक/परिवर्तित” (Commercial) दर्ज करा लिया है। धमाकेदार खुलासा यह है कि 28 अगस्त 2025 को एक ही दिन में इन ‘कमर्शियल’ जमीनों को HDFC Bank, रायगढ़ में बंधक (Mortgage) रखकर करोड़ों के वित्तीय लेनदेन को अंजाम दिया गया है। क्या इस बैंक ट्रांजेक्शन और आयुष अग्रवाल के ‘रायपुर कनेक्शन’ के बीच कोई सीधा रिश्ता है?
दिल्ली की रडार पर ‘जशपुर का माफिया’ :
* पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा ने इस पूरे ‘खसरा-तंत्र’ के सबूत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कमिश्नर और आईजी को सौंप दिए हैं। उनकी मुख्य मांगें हैं:
* आयुष अग्रवाल की संदिग्ध कॉल और उसमें जिक्र की गई ‘रायपुर की पार्टियों’ की जांच हो।
* नरेश सिदार की बदलती जातियों और अवैध डायवर्जन पर FIR दर्ज हो।
* HDFC बैंक में एक ही दिन में रखे गए करोड़ों के बंधक (Mortgage) की वित्तीय जांच हो।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती :
जशपुर में आदिवासियों के अधिकारों पर डाका डालने वाले इस ‘अजब’ और ‘गजब’ गठजोड़ पर कार्रवाई होगी या फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाएंगी? यह देखना अभी बाकी है।




