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प्रदेश के पहले खुला संग्रहालय में लोग पीते हैं शराब, प्राचीन प्रतिमाएं तोड़ी, मवेशी चर रहे | बूढ़ातालाब में अविभाजित मध्यप्रदेश शासनकाल का पहला मुक्त खुला संग्रहालय है।

15 अगस्त विज्ञापन


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संग्रहालय के अंदर मवेशी चरा रहे लोग

अनदेखी का नतीजा है कि कुछ लोगों ने संग्रहालय के पीछे गेट को तोड़ दिया है। कुछ ऐसे लोग हैं, जो यहां अपने मवेशियों को घुसा देते हैं। मूर्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं।

900 साल पुरानी देवी-देवताओं की प्रतिमाएं

जिले में लगभग 900 साल पुरानी प्राचीन देवी-देवताओं सहित साहसी सैनिकों की प्रतिमाएं हैं। इन प्रतिमाओं का रखरखाव नहीं होने के कारण संरक्षित रखना चुनौती बनती जा रही है। बूढ़ातालाब में अविभाजित मध्यप्रदेश शासनकाल का पहला मुक्त खुला संग्रहालय है।

सैनिकों की याद में राजा ने बनवाई थ प्रतिमाएं

बताया जाता है कि इन प्राचीन प्रतिमाओं को बालोद के राजा ने अपने सैनिकों की याद में बनाया था। सभी प्रतिमा 12वीं से 16वीं शताब्दी की है। प्राचीन प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था पुरातत्व विभाग व जिला प्रसासन ने नहीं की है। सुरक्षा के अभाव में मूर्तियां चोरी की घटनाएं भी घट चुकी है। वर्तमान में यह संग्रहालय उपेक्षित है। जिले के विभिन्न जगहों पर ऐसी ही प्राचीन प्रतिमाएं हैं, जिसकी सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।

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प्रदेश की धरोहर यह प्रतिमाएं, इनकी अलग पहचान

इतिहास के जानकार अरमान अश्क ने बताया कि इन प्रतिमाओं का मध्यप्रदेश शासनकाल से छत्तीसगढ़ में भी अलग ही पहचान है। प्रतिमाएं डौंडी ब्लाक के ग्राम नर्राटोला की है। ये प्रतिमाएं कई सालों से गांव के तालाब किनारे पड़ी थी। बालोद के राजा बलदेव शाह जब अपने विरोधियों से युद्ध करते थे, तब उनके सैनिक युद्ध जीतते या फिर मारे जाते थे। उनकी याद में प्रतिमाएं बनाकर स्थापित करते थे। यह मूर्ति कुंडी पत्थर से बनाया गया है।

प्रदेश के मुख्य सचिव आए थे निरीक्षण करने

इस खुला संग्रहालय का निर्माण 1992 में बालोद एसडीएम नगर पालिका प्रशासक आशुतोष अवस्थी ने मध्यप्रदेश पुरातत्व संघ से मिलकर कराया था। इसका निरीक्षण करने तब प्रदेश के मुख्य सचिव यहां आए थे।

पांच मूर्तियां हो चुकी चोरी

खुला संग्रहालय में लगभग 105 प्राचीन प्रतिमाओं को रखा गया था। 1993 में संग्रहालय से 5 प्राचीन मूर्तियों की चोरी हो गई थी। इसके बाद भी शासन प्रशासन व पुरातत्व विभाग ने सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की है।

असामाजिक तत्वों ने तोड़ी मूर्ति

इस संग्रहालय में भगवान गणेश, चामुंडा, भगवान बुद्ध के याचक व बालोद के राजा के सैनिकों की मूर्तियां हैं। यहीं बूढ़ातालाब के पास भी प्राचीन प्रतिमाएं हैं। कुछ मूर्तियों को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। अब पूरी तरह झाडिय़ों में छिप गई हैं।

जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे

नगर पालिका बालोद के सीएमओ सौरभ शर्मा ने कहा कि खुला संग्रहालय के बारे में पूरी जानकारी लेता हूं। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।



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