हादसा

NH-930 पर बालोद-धमतरी मार्ग में यात्री बस पलटी, परिचालक की मौत, कई घायल

15 अगस्त विज्ञापन

NH-930 बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग पर शनिवार को एक बार फिर यात्री बस की रफ्तार और संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम करहीभदर मोड़ के पास पेट्रोल पंप के आगे नाले के समीप यात्रियों से भरी डीआरडी कंपनी की बस क्रमांक सीजी 04 जेसी 1253 अनियंत्रित होकर पलट गई।

हादसा इतना भयावह था कि बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि बस बालोद से यात्रियों को लेकर धमतरी की ओर जा रही थी। बस में 35 से अधिक यात्रियों के सवार होने की जानकारी सामने आई है। करहीभदर मोड़ के पास अचानक बस अनियंत्रित हुई और सड़क किनारे नाले के पास पलट गई।

हादसे में बस का परिचालक बस के नीचे दब गया। गंभीर रूप से दबे परिचालक को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस पलटने के बाद कुछ यात्री अंदर ही फंस गए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। कुछ घायलों को जिला अस्पताल बालोद तथा कुछ को गुरुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है। अस्पतालों में घायलों का उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि कुछ यात्रियों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर उपचार के लिए अन्य अस्पताल रेफर करने की तैयारी की जा रही है।

हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों की संख्या और बस की क्षमता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बस में 35 से अधिक यात्रियों के सवार होने की बात सामने आ रही है। वहीं क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर बस संचालित किए जाने की चर्चा भी है। बताया जा रहा है कि जिस बस का संचालन किया जा रहा था वो अनफिट और कंडम बस थी।

प्रारंभिक तौर पर हादसे के पीछे बस चालक की लापरवाही की बात सामने आ रही है। हालांकि बस किस कारण अनियंत्रित हुई, चालक की गति कितनी थी और हादसे की वास्तविक वजह क्या रही, इसका खुलासा पुलिस की जांच के बाद होगा। बालोद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है।

बालोद जिले में यात्री बसों से जुड़े हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने जिले में सड़कों पर दौड़ रही बसों के फिटनेस, यातायात नियमों के पालन और परिवहन विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर बालोद-धमतरी-राजनांदगांव मार्ग पर चलने वाली यात्री बसों की हालत पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 16 सितंबर को पुरूर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर भी दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था। यात्रियों से भरी मनीष कंपनी की स्लीपर बस की चपेट में आने के बाद बाइक सवार की मौत हो गई थी। बताया गया था कि बस बाइक सवार को करीब पांच किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गई थी।

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