
रायगढ़/धर्मजयगढ़ : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को मजबूत करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नए साल के दूसरे दिन ही रायगढ़ जिले में बड़ी सफलता हासिल की। धर्मजयगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थापित बाबू अनिल कुमार चेलक को एक ग्रामीण से 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। घबराहट में आरोपी ने रिश्वत की रकम अपने सरकारी आवास के पीछे फेंक दी, लेकिन ACB की सतर्क टीम ने पूरी रकम बरामद कर ली। यह कार्रवाई भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी का संदेश देती है।
घटना दोपहर धर्मजयगढ़ एसडीएम कार्यालय के बाहर घटी। ग्राम निवासी रामप्रसाद साहू ने बताया कि उनका जमाबंदी प्रमाण पत्र और भूमि विवाद का निपटारा लंबे समय से अटका था। बाबू अनिल चेलक ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए 1.5 लाख रुपये की मांग की थी, जो आखिरकार 1 लाख पर तय हुई। रामप्रसाद ने ACB को शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जाल बिछाया गया। ACB इंस्पेक्टर रमेश पटेल के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते ही धर दबोचा।
ट्रैप ऑपरेशन के दौरान बाबू ने पहले इनकार किया, लेकिन ग्रामीण के सामने रुपये गिनते ही फंस गया। पकड़े जाने के डर से उसने नोटों का बंडल घर के पिछवाड़े उछाल दिया, जहां छिपे ट्रैपकर्ता ने तुरंत बरामदगी कर ली। प्राथमिकी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 13(2) के तहत मामला दर्ज हुआ। आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। ACB ने घर की तलाशी में 5 लाख से अधिक नकदी और दस्तावेज बरामद किए।
ACB की रणनीति और तैयारी
रायगढ़ ACB यूनिट ने पिछले एक माह में 15 से अधिक शिकायतें प्राप्त की थीं, जिनमें सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी प्रमुख थी। इस कार्रवाई के लिए टीम ने 48 घंटे तक निगरानी रखी। डीजीपी अशोक जुनेदे ने बताया कि नए साल में 50 ट्रैप ऑपरेशन लक्ष्य रखा गया है। विशेष इकाई ने फोन टैपिंग और छिपे कैमरों का सहारा लिया। आरोपी बाबू पर पहले भी शिकायतें थीं, लेकिन पुख्ता सबूत न होने से बच निकलता था। इस बार व्हिसलब्लोअर ग्रामीण ने ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी।
ACB डायरेक्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भ्रष्टाचार विकास का दुश्मन है। ग्रामीणों को सशक्त बनाने हेतु हेल्पलाइन सक्रिय है।” राज्य सरकार की ‘भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़’ योजना के तहत यह छठी बड़ी कार्रवाई है। पिछले साल ACB ने 42 अधिकारियों को गिरफ्तार किया, जिनमें 20 बाबू शामिल थे।
रायगढ़ कलेक्टर मुकेश कुमार ने बाबू को तत्काल निलंबित कर दिया। एसडीएम धर्मजयगढ़ ने कार्यालय में विशेष जांच टीम भेजी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर बधाई दी, “ACB की सतर्कता सराहनीय। भ्रष्टाचारी को कोई छूट नहीं।” स्थानीय विधायक चंद्रदेव प्रसाद ने ग्रामीण का धन्यवाद दिया और प्रभावितों को मुआवजा देने की घोषणा की। जिला पंचायत ने भ्रष्टाचार जागरूकता शिविर आयोजित करने का फैसला लिया।
पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों पर नजर रखी है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बाबू ने 3 वर्षों में 25 लाख से अधिक अवैध कमाई की। अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। लोकायुक्त को रिपोर्ट सौंपी गई।
धर्मजयगढ़ विकासखंड के 50 से अधिक गांवों में खबर फैल गई। ग्रामीणों ने उत्सव सा माहौल बनाया, ढोल-नगा बजाए। रामप्रसाद साहू ने कहा, “मेरा काम अब बिना पैसे के होगा। ACB को धन्यवाद।” स्थानीय बाजारों में चर्चा छिड़ गई कि अब सरकारी काम आसान होंगे। महिला समूहों ने बाबूओं के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बनाई। सोशल मीडिया पर #ACBExposesCorruption ट्रेंड कर रहा है।
जिले में सरकारी योजनाओं जैसे मनरेगा, पट्टा वितरण में रिश्वत आम शिकायत थी। यह घटना अन्य बाबूओं को सतर्क करेगी। ग्रामीणों ने ACB हेल्पलाइन 1800-XXX-XXXX का नंबर नोट किया।
भ्रष्टाचार का व्यापक चित्र
छत्तीसगढ़ में पिछले 5 वर्षों में 300 से अधिक रिश्वतखोरी के मामले दर्ज हुए। रायगढ़ कोयला क्षेत्र होने से राजस्व अधिक, लेकिन भ्रष्टाचार भी। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल फाइल सिस्टम से पारदर्शिता आएगी। केंद्र सरकार की ई-गवर्नेंस योजना को गति देने की मांग उठी। विपक्ष ने सरकार को बधाई दी, लेकिन पूछा कि बड़े अधिकारी क्यों बच जाते हैं।
ACB ने 2026 के लिए 100 ट्रैप का टारगेट रखा। ट्रेनिंग कैंप में फिंगरप्रिंट और केमिकल टेस्ट सिखाए जा रहे। यह कार्रवाई नए साल का शुभ संकेत है।
भ्रष्टाचार रोकने हेतु जनभागीदारी जरूरी। स्कूलों में नैतिक शिक्षा, दफ्तरों में सीसीटीवी अनिवार्य। RTI एक्ट का बेहतर उपयोग। सरकार ने भ्रष्टाचारी संपत्ति जब्ती कानून सख्त किया। प्रभावित ग्रामीण को इनाम राशि देने की बात हुई।




