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NDA कर्मचारी से 28 लाख की ठगी, Digital Arrest फ्रॉड केस में दंतेवाड़ा पुलिस की बड़ी कामयाबी, गुजरात से 3 आरोपी गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में साइबर अपराध की एक बड़ी वारदात को सुलझाते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। एनएमडीसी कर्मचारी से 28 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में दंतेवाड़ा साइबर सेल और किरंदुल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गुजरात के जामनगर से तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।

By Himadri Singh Hada

Publish Date: Fri, 20 Jun 2025 07:35:29 PM (IST)

Updated Date: Fri, 20 Jun 2025 07:35:29 PM (IST)

डिजिटल अरेस्ट केस में पुलिस को मिली कामयाबी।

नईदुनिया, दंतेवाड़ा। एनएमडीसी कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधड़ी से रुपए लूटने के मामले में जिला पुलिस की टीम ने गुजरात के जामनगर से 4 ठगों को गिरफ्तार कर लिया है। ठगों ने प्रार्थी को डिजिटल अरेस्ट में डाल कर उनसे 28 लाख रुपये वसूल किये थे। तकनीकी शाखा दंतेवाड़ा नोडल अधिकारी ठाकुर गौरव सिंह के नेतृत्व में फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एनालिसिस एवं साइबर फॉरेंसिक टूल्स उपयोग कर जानकारी के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियो से अनुमति के बाद आरोपियों की जानकारी हेतु निरीक्षक विमल रॉय के नेतृत्व में टीम का गठन कर अथक प्रयास के बाद जामनगर, गुजरात से तीन आरोपीगणों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जिन्हें गिरफ्तार किया है, उनमें आफताब समा पिता ताज मोहम्मद उम्र 24 वर्ष, किशन वाढेर पिता प्राण जीवन भाई उम्र 24 वर्ष, पारिया अजय पिता प्रवीण भाई उम्र 24 वर्ष शामिल हैं।

क्या था मामला ?

किरन्दुल निवासी एनएमडीसी कर्मचारी को 30 मई को शाम करीब 7.45 बजे प्रार्थी के मोबाईल नंबर में व्हाट्सएप कॉल कर कहा एक व्यक्ति ने कहा कि मुंबई में आपके नाम से एक बैंक अकाउंट ओपन हुआ है, जिसमें अवैध लेन-देन किया गया है। इस पर मुंबई में आपके विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर एफआईआर हुई है। ये बात बोलकर आरोपी द्वारा अपने एक साथी को व्हाट्सएप पर कनेक्ट कर प्रार्थी को इस केस में सेटलमेंट करने हेतु 28 लाख रुपये का ट्रांसफर करने को कहा गया, आरोपी की बातों से डरकर प्रार्थी ने आरोपी के खाते में 28 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में प्रार्थी को अपने साथ धोखाधड़ी होने का अंदेशा हुआ और रिपोर्ट कराने पर थाना किरन्दुल में अपराध क्रमांक 28/2025 धारा 318 (4) बी.एन.एस., 66 (डी) आईटी एक्ट में पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

किरंदुल पुलिस द्वारा त्वरित विधिसंगत कार्यवाही करते हुए गुजरात के जामनगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। आरोपियों से प्राप्त बैंक खातों में जमा राशि को जब्त किया जाएगा एवं मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने दीगर राज्य टीम रवाना की जाएगी।

दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा लगातार नगरवासी व ग्रामीणों से जन सम्पर्क कर मोबाईल सायबर क्राईम संबंधी बैकिंग फ्रॉड्स, सायबर ठगी पार्ट टाईम-जॉब धोखाधड़ी, मोबाईल ओटीपी लिंक शेयर न करने इत्यादि सायबर क्राईम से बचने जानकारी दी जा रही है। साथ ही किसी प्रकार का फ्रॉड होने पर तत्काल सायबर हेल्प लाईन नंबर 1930 पर कॉल कर दर्ज कराने तथा पुलिस को सूचित करने हिदायत दी जा रही है।

फ्रॉड केस के आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक विमल रॉय, एसआई हेमशंकर गुनेंद्र, गोल्डी भारद्वाज, एएसआई प्रशांत सिंह, कांस्टेबल अजीत नरेटी, देवलाल सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



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