National News: 2047 तक 80 बिलियन डॉलर का होगा सेमीकंडक्टर बाजार

प्रो. विश्वकर्मा ने बताया कि 2021 में शुरू किया गया इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन इसी दिशा में बड़ा कदम था। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन हाउस, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप फंडिंग के लिए निवेश का रोडमैप तय किया गया। अभी इस सेक्टर को 2 से 2.5 लाख इंजीनियरों की जरूरत है, लेकिन हमारे पास केवल डेढ़ लाख प्रशिक्षित लोग हैं, वे भी मुख्य रूप से पुणे, बेंगलुरु और नोएडा जैसे शहरों में केंद्रित हैं। प्रो. विश्वकर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सेंट्रल, स्टेट और प्राइवेट इंस्टीट्यूट मिलाकर करीब 1.50 लाख इंजीनियरिंग छात्र हैं। अगर उन्हें सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्र में ट्रेनिंग दी जाए तो राज्य इस सेक्टर में बड़ा योगदान दे सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड वीएलएसआई (वीएलएसआई) जैसे कोर्स सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुरू किए जाएं। इंडस्ट्री और अकादमिक जगत को मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और रिसर्च सेंटर बनाने होंगे। इससे देश में कुशल मैनपाॅवर तैयार होगी।




