नारायणपुर में ऐतिहासिक शुरुआत, घने जंगलों को चीरकर सुदूर गांवों में पहुंची बिजली, अब रात में पढ़ेंगे बच्चे

नारायणपुर के सुदूर वनांचल में वर्षों से कायम अंधेरा अब दूर हो गया है।
HighLights
- योजना के तहत नारायणपुर के चार पाराओं में पहली बार बिजली पहुंची
- 84 लाख रुपये की लागत से 45 परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन
- बिजली मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर बढ़े
नईदुनिया न्यूज, नारायणपुर। नारायणपुर के सुदूर वनांचल में वर्षों से कायम अंधेरा अब दूर हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत मोहन्दी और मसपुर के दूरस्थ पाराओं में पहली बार बिजली पहुंची है। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के कारण लंबे समय से बिजली सुविधा से वंचित इन गांवों के घर अब रोशनी से जगमगा रहे हैं।
45 परिवारों को सीधा लाभ मिला
विद्युत विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से मिचिंगपारा, कोडियारपारा, बीचपारा और गुडरापारा में बिजली आपूर्ति शुरू की गई है। लगभग 84 लाख रुपये की लागत से पूरी हुई इस परियोजना से 45 परिवारों को सीधा लाभ मिला है।
स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार होगा
बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब बच्चों को रात में पढ़ाई करने की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही पंखे और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग से दैनिक जीवन भी आसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली मिलने से स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे और स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार होगा।
बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी
ग्रामीणों ने पहली बार अपने घरों में बिजली की रोशनी देख खुशी जताई। उनका कहना है कि यह योजना वनांचल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन का मानना है कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से अन्य दूरस्थ और वंचित गांवों तक भी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।




