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महासमुंद में माओवाद को बड़ा झटका, 15 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, 9 महिलाएं भी शामिल

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छत्तीसगढ़ में माओवादी मोर्चे पर पुलिस और प्रशासन को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीबीएम (बलांगीर–बरगढ़–महासमुंद) डिवीजन से जुड़े 15 माओवादियों ने स …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 05:08:01 PM (IST)Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 05:08:01 PM (IST)

महासमुंद में माओवाद को बड़ा झटका।

HighLights

  1. महासमुंद पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक
  2. छत्तीसगढ़ में लाल आतंक का ‘सरेंडर मार्च’
  3. इनामी नक्सली ने 15 साथियों संग किया सरेंडर

नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद। छत्तीसगढ़ में माओवादी मोर्चे पर पुलिस और प्रशासन को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीबीएम (बलांगीर–बरगढ़–महासमुंद) डिवीजन से जुड़े 15 माओवादियों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया है। मुख्यधारा में लौटने वाले इस समूह में 9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। इन सभी ने अपने नेता विकास की अगुवाई में पुलिस और प्रशासन के समक्ष हथियार डाले। आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात 2 से 4 बजे के बीच महासमुंद जिले के बलौदा थाने में संपन्न हुई।

रेडियो संदेश और मध्यस्थता से बनी सरेंडर की राह

इस ऐतिहासिक समर्पण की पटकथा बीते कुछ दिनों से लिखी जा रही थी। माओवादियों के लीडर विकास ने गृहमंत्री को पत्र लिखकर सरेंडर की इच्छा जताई थी, जिसके जवाब में गृहमंत्री ने रेडियो के माध्यम से उन्हें सुरक्षित समर्पण का पूरा विश्वास दिलाया। इस प्रक्रिया में बस्तर के पत्रकार विकास तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे माओवादियों के ठिकाने पर सरायपाली पहुंचे, उनसे बात की और गृहमंत्री विजय शर्मा से उनकी सीधी चर्चा कराई। भरोसे का माहौल बनने के बाद शनिवार रात इन सभी 15 माओवादियों को पुलिस की बस से सुरक्षित स्थान पर लाया गया।

हथियारों का जखीरा और इनामी माओवादियों की वापसी

समर्पण करने वाले ये सभी 15 माओवादी इनामी थे और अपने साथ तीन एके-47 व 12 अन्य अत्याधुनिक हथियार लेकर पहुंचे थे। इस समूह का नेतृत्व ओडिशा के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास उर्फ सुदर्शन ने किया, जिस पर अकेले 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एसपी प्रभात कुमार ने इस सफल सरेंडर की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, ये माओवादी लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे, लेकिन शासन की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

पुनर्वास नीति और विकास का पड़ रहा असर

अधिकारियों ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण को क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम बताया है। शासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को अब पुनर्वास, आर्थिक सहायता और कौशल विकास के अवसरों का लाभ दिया जाएगा। लगातार हो रहे इन समर्पणों को माओवादी संगठन के कमजोर पड़ते प्रभाव और शासन की विकासोन्मुख नीतियों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

गरियाबंद में 46 लाख रुपये व हथियारों का जखीरा जब्त

शनिवार को भी गरियाबंद जिले में माओवादियों के 46,31,500 रुपये और बड़ी संख्या में विस्फोटक बरामद किए गए। यह कार्रवाई पुलिस की ई-30 आप्स टीम और धमतरी डीआरजी की संयुक्त टीम ने मैनपुर थाना क्षेत्र के बड़े गोबरा के दुर्गम सांपसाटी पहाड़ी क्षेत्र में की। बरामद राशि में 2,000 रुपये के 100 पुराने नोट शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत दो लाख रुपये है। गरियाबंद के एडिशनल एसपी धीरेंद्र पटेल ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पुलिस ने एक करोड़ आठ लाख रुपये की राशि जब्त की है।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर माओवादी नेताओं द्वारा इस क्षेत्र में नकद और हथियार छिपाए जाने का राजफाश हुआ। पुलिस ने तलाशी में कई ठिकानों से महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की। हथियारों में एक भरमार बंदूक, एक सुरका राइफल, 32 बीजीएल सेल, 200 से अधिक जिंदा कारतूस, एक लैपटाप, दो मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण शामिल हैं।

जनवरी 2026 में प्रमुख समर्पण

  • 7 जनवरी 2026: सुकमा जिले में एक साथ 26 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 7 महिलाएं भी शामिल थीं। इन सभी पर कुल मिलाकर लगभग ₹65 लाख का इनाम घोषित था। ये मुख्य रूप से दक्षिण बस्तर और अबुझमाड़ डिवीजन में सक्रिय थे।
  • 23 जनवरी 2026: धमतरी जिले में 9 माओवादियों ने समर्पण किया, जिनमें 7 महिलाएं शामिल थीं। इन पर कुल ₹47 लाख का इनाम था।
  • 30 जनवरी 2026: सुकमा में ही 4 अन्य माओवादियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल ₹8 लाख का इनाम था।

यह भी पढ़ें- बिलासपुर में प्रेमी के घर युवती ने लगाई थी फांसी, अब युवक पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज

फरवरी 2026 में प्रमुख समर्पण

  • 5 फरवरी 2026: बीजापुर और बस्तर क्षेत्र में 12 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इस समूह में 8 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल थे। समर्पण करने वालों में दरभा डिवीजन का एक बड़ा नेता (DVCM) सोमडू मड़काम भी शामिल था, जिस पर ₹8 लाख का इनाम था। इन सभी पर कुल ₹54 लाख का इनाम घोषित था।
  • 17 फरवरी 2026: सुकमा जिले में 22 सक्रिय माओवादियों ने एक साथ पुलिस के सामने हथियार डाले।
  • 25-26 फरवरी 2026: कांकेर जिले में लगातार दो दिनों तक समर्पण की खबरें आईं। पहले दिन 2 पुरुष नक्सलियों (मल्लेश और रानू) ने और अगले दिन एक महिला नक्सली (मासे बारसा – DVCM रैंक, ₹8 लाख इनाम) ने AK-47 के साथ समर्पण किया।


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