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मां को खाना नहीं परोसने पर पत्नी को मार डाला: बालोद में गला घोंटकर हत्या की, पुलिस से बोला-गिरकर मर गई;मानसिक रूप से बीमार थी – Chhattisgarh News

15 अगस्त विज्ञापन




छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 6 दिन पहले मानसिक रूप से बीमार पत्नी को पति ने रस्सी से गला घोंटकर मार डाला। वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए दावा किया कि उसकी पत्नी गिरकर मर गई है। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच के बाद सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामला बालोद थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक आरोपी का नाम धर्मेंद्र निषाद (43) है, जो ग्राम देवी नवागांव का रहने वाला है। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। 23 फरवरी को पत्नी सावित्री बाई निषाद (38) की लाश संदिग्ध परिस्थितियों तांदुला नदी किनारे मिली। पुलिस ने जांच शुरू की तो धर्मेंद्र ने गिरकर मरने की बात कही। हालांकि, सख्ती दिखाने पर उसने बताया कि मां को खाना नहीं परोसने पर पत्नी की घोंटकर हत्या कर दी। बाद में उसने खोजने का नाटक किया। मंगलवार को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस मामले का खुलासा किया है। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए- पढ़िए हत्या की सिलसिलेवार पूरी कहानी… दरअसल, 23 फरवरी की शाम सावित्री बाई निषाद का शव तांदुला नदी किनारे संदिग्ध हालत में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। 24 फरवरी की सुबह बालोद पुलिस, फॉरेंसिक टीम और साइबर टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि महिला के गले में रस्सी कसकर हत्या की गई थी। मौके पर चप्पल उल्टी पड़ी मिली। एक हाथ की चूड़ी टूटी थी। दूसरे हाथ की मुट्ठी में घास और मिट्टी दबी हुई थी, जिससे संघर्ष की आशंका मजबूत हुई। पति बोला- गिरकर मर गई होगी जांच शुरू होते ही पुलिस ने पति धर्मेंद्र निषाद से पूछताछ की। उसने कहा कि उसकी पत्नी मानसिक रूप से कमजोर थी और बीमार रहती थी। संभव है कि वह गिर गई हो।पति ने यह भी दावा किया कि गिरने के दौरान रस्सी गले में फंस गई होगी। पति के बयान से पुलिस को शक हुआ। लगातार पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने आई और आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया। खाना नहीं परोसती थी, इसी बात पर था विवाद आरोपी ने बताया कि पत्नी पिछले दो सालों से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। वह बुजुर्ग मां, बेटी और उसे खाना नहीं परोसती थी। कई बार खाना बनाना भी बंद कर देती थी। आरोपी के अनुसार अगर उसकी मां पानी को छू लेती थी तो सावित्री उसे फेंक देती थी। बात करने पर वह घर छोड़कर निकल जाती थी। कई बार बिना बताए पुलगांव, दुर्ग स्थित मायके चली जाती थी।इन बातों से वह नाराज रहता था। उसी गुस्से में उसने हत्या कर दी। खेत के रास्ते पहुंचा, साड़ी फाड़कर बनाया फंदा 23 फरवरी को जब सावित्री शौच के लिए घर से निकली, तब धर्मेंद्र दूसरे रास्ते से खेतों की ओर पहुंचा। तांदुला नदी किनारे अरहर के खेत के पास बंधी साड़ी को फाड़कर उसने फंदा बनाया। उसी फंदे से पत्नी का गला घोंट दिया। घटना के बाद तालाब में नहाया और घर लौट आया, ताकि शक न हो। हत्या के बाद खोजने का नाटक हत्या के बाद आरोपी ने पत्नी को ढूंढने का नाटक किया। गांव के रिश्तेदारों के यहां पूछताछ की। अपने साले को फोन कर पूछा कि क्या सावित्री मायके गई है। शाम को गांव की महिलाओं ने झाड़ियों में महिला को पड़ा देखा। सूचना परिवार तक पहुंची। आरोपी अकेले नहीं गया, बल्कि रिश्तेदार तिलक राम निषाद को साथ लेकर मौके पर पहुंचा। वहां सावित्री को छूकर कहा कि वह अब जीवित नहीं है। उसने मोबाइल से फोटो लेकर गांव के सरपंच को भेजा। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत संभाला मोर्चा बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने शव को कब्जे में लिया। रातभर जवानों की ड्यूटी लगाई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस बोली- साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होने के बाद बालोद थाने में बीएनएस की धारा 103 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पत्नी की हत्या के बाद आरोपी पति लगातार अपने परिवार, ग्रामीणों और पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।



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