Lenskart Controversy: राजधानी के लेंसकार्ट शोरूम में घुसकर विरोध, चश्मे तोड़े- कर्मचारियों को लगाया टीका | Hindu Organisations Protest At Lenskart Showroom In Raipur

Lenskart Controversy: सोशल मीडिया से शुरू हुआ Lenskart विवाद अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुंच गया है, जहां इस मुद्दे ने नया राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। ड्रेस कोड को लेकर उठे सवालों के बीच धर्म जागरण समिति के कार्यकर्ताओं ने शहर के एक लेंसकार्ट शोरूम में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे माहौल गरमा गया।
Lenskart Controversy: सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल
धर्म जागरण समिति की सह संयोजिका भारती वैष्णव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शोरूम में प्रवेश कर “जय श्री राम” के नारे लगाए। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से उनके नाम पूछे और कुछ को तिलक भी लगाया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई कंपनी “हिंदू विरोधी” गतिविधियों में शामिल पाई जाती है, तो उसका विरोध किया जाएगा। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भारती वैष्णव ने अपने बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यह दावा किया गया था कि कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को तिलक, कलावा या जनेऊ धारण करने की अनुमति नहीं है, जबकि कुछ अन्य धार्मिक प्रतीकों को अनुमति दी जाती है। उन्होंने इसे असमानता बताते हुए इसका विरोध जताया और कहा कि किसी भी धर्म के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इन सिद्धांतों पर आधारित नीतियों का आश्वासन
हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच कंपनी पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है। Lenskart ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बयान जारी करते हुए कहा कि वह अपने ग्राहकों और समुदाय की भावनाओं का सम्मान करती है। कंपनी ने बताया कि वह अपने “इन-स्टोर स्टाइल गाइड” को मानकीकृत कर रही है और इसे पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक भी किया गया है।
कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का स्वागत किया जाता है। इसमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब, पगड़ी जैसे प्रतीक शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि इन्हें किसी अपवाद के रूप में नहीं, बल्कि कर्मचारियों की पहचान के हिस्से के रूप में स्वीकार किया जाता है। साथ ही, यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो इसके लिए खेद व्यक्त किया गया है और भविष्य में समानता व सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित नीतियों का आश्वासन दिया गया है।
Lenskart Controversy: मामले को लेकर चर्चाएं तेज
रायपुर में इस विवाद की एंट्री के बाद यह मुद्दा अब केवल एक कंपनी की पॉलिसी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह धार्मिक पहचान, कार्यस्थल के नियम और सामाजिक संवेदनशीलता जैसे बड़े सवालों से जुड़ गया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुल मिलाकर, यह मामला अब एक व्यापक बहस का रूप ले चुका है, जहां एक ओर धार्मिक पहचान की अभिव्यक्ति की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर कार्यस्थल की एकरूपता और पेशेवर नियमों की भी चर्चा हो रही है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस विवाद पर आगे क्या रुख सामने आता है और क्या इससे कंपनियों की ड्रेस कोड नीतियों में कोई बदलाव होता है।



