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कोरबा में तंत्र-मंत्र के फेर में तीन की गई जान, फंदा कसा तो न कोई तड़पा, न सुनाई दी चीख

15 अगस्त विज्ञापन


नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा। बैगा ने लक्ष्मण रेखा खींच दी थी और कह दिया था कि बाहर खड़े लोग इसे लांघ कर अंदर न आएं, नहीं तो अनर्थ हो जाएगा। इसी आशंका में लोग बाहर खडे़ रहे और एक-एक कर बैगा कमरे के अंदर बुलाकर मौत का खेल खेलता रहा। पुलिस ने तंत्र-मंत्र करने वाले चार लोगों के साथ दो लोगों को भी आरोपित बनाया है, जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को करने के लिए उकसाया।

पुलिस मामले को सुलझा लेने का दावा कर रही है, पर गला घोटे जाने के दौरान निकलने वाली चीख बाहर खड़े किसी व्यक्ति क्यों नहीं सुनी और ना ही फंदा कसे जाने पर किसी ने प्रतिरोध किया। इस रहस्य का पता अब तक नहीं चल सका है।

पुलिस क्या कह रही है?

तंत्र-मंत्र की वजह से कबाड़ व्यवसायी अशरफ मेमन, दूध व्यवसायी सुरेश साहू तथा बिलासपुर में वाहन चलाने वाले नीतेश राठौर की हुई रहस्यमय मौत के मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर में रहने वाले बैगा आशीष दास (24 वर्ष) निवासी कमल बिहार के साथ राजेंद्र जोगी (70 वर्ष) निवासी जरहाभाठा, केशव सूर्यवंशी (55 वर्ष) निवासी गोकुलधाम सकरी, व अश्वनी कुर्रे (42 वर्ष) निवासी अमेरी एक साथ तीन बाइक में कोरबा के कुदरी स्थित स्क्रैप यॉर्ड पहुंचे। इससे पहले बुधवारी बाजार कोरबा में नींबू खरीदा। जबकि नॉयलोन की रस्सी लोरमी से खरीद कर लाए थे।

एक-एक कर अंदर बुलाता गया

सीपत थाना के मोदर गांव निवासी संजय साहू (46 वर्ष) और भागवत महंत (48 वर्ष) निवासी मुड़ापार बाद में बाइक में यॉर्ड तक पहुंचे। कार में सुरेश साहू, अशरफ मेमन उसके दो पुत्र, भांजा व चालक आए। यॉर्ड के अंदर एक कमरे में बैगा आशीष ने लकड़ी से एक घेरा खींच दिया था और कहा था, मेरी इजाजत के बगैर इसके अंदर कोई नहीं आएगा। एक-एक कर अंदर बुलाता गया और फंदा डाल कर मौत की नींद सुला दिया।

चीख तांत्रिक के कमरे से बाहर नहीं सुनाई दी

कमरे के बाहर निकाली गई रस्सी को बैगा के कहने पर उसके राजेंद्र, केशव एवं अश्वनी एक साथ पूरी ताकत लगा कर खींचते थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर ने बताया, फंदा कसने पर किसी तरह की कोई चीख तांत्रिक के कमरे से बाहर नहीं सुनाई दी। वहां खड़े सभी लोगों का बयान दर्ज किया गया है पर किसी ने भी अंदर से किसी तरह की कोई गतिविधि की जानकारी नहीं होने की बात कही है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बैगा ने हाथ की नस में इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया था। इसका जवाब अभी पुलिस के पास नहीं है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इन तथ्यों से पर्दा उठ सकेगा

विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही इन तथ्यों से पर्दा उठ सकेगा। यहां बताना होगा कि अशरफ के भाई इमरान मेमन ने हाथ के पास इंजेक्शन लगाने का निशान मिलने की बात कही है। इससे बेहोश करने के बाद तंत्र क्रिया की बात को अब बल मिल गया है।

महज 24 साल के बैगा ने उम्रदराजों को लिया झांसे में

आरोपित राजेंद्र का बिलासपुर में मेडिकल स्टोर है। यहां केशव सूर्यवंशी व अश्वनी कुर्रे का आना-जाना था।पिछले चार साल से तीनों हंडा की खोज में थे। इस बीच अश्वनी ने तंत्र- मंत्र में माहिर आशीष दास की जानकारी दी। महज 24 साल के इस कथित बैगा ने सबको अपने झांसे में ले लिया और पांच लाख रुपये को ढाई गुना करने के फेर में तीन लोगों की जान ले ली।

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कही ये बात

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि बैगा गिरोह की रुपये लेकर भाग जाने की योजना थी। पहले यह बात सामने आई थी कि दूध व्यवसायी सुरेश साहू ने पांच लाख रुपये तंत्र-मंत्र के लिए निकाले थे पर जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ था कि साहू ने केवल एक लाख रुपये दिए थे। शेष चार लाख रुपये अशरफ ने दिया था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर ने बताया कि बैगा गिरोह का उद्देश्य रुपये लूटकर भागने का था। तीन लोगों पर तंत्र क्रिया करने के बाद वहां मौजूद लोगों को अंदर बुलाया पर वे विरोध पर उतर गए। साथ ही काफी समय बाद मूर्छित लोगों के होश में नहीं आने पर विवाद हो गया। नहीं तो और भी लोगों की जान इस घटना में जा सकती थी।



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