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खनिज विभाग की बड़ी तैयारी, CG सरकार ने गोल्ड माइन नीलामी शुरू की… वेदांता और जिंदल दिखा रहे रुचि

15 अगस्त विज्ञापन


नईदुनिया, रायपुर: राज्य सरकार प्रदेश में एक और गोल्ड खान की नीलामी करने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में महासमुंद जिले के करणखोल-रचपालपुर इलाके में गोल्ड की पुष्टि हुई है। इसके बाद खनिज साधन संचालनालय ने नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक गोल्ड माइंस के करीब डेढ़ सौ हेक्टेयर क्षेत्र को चयनित किया गया है। चयनित कंपनियों को कंपोजिट लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिसके तहत उन्हें प्रास्पेक्टिंग के बाद खनन पट्टा (माइनिंग लीज) के लिए अलग से लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। इसके लिए देश-विदेश की प्रमुख खनन कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। खनिज संचालक रजत बंसल ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है।

खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस खान को लेकर छह नवंबर को प्री-बिड आनलाइन मीटिंग आयोजित की जाएगी, जिसमें विभाग के अधिकारी खदानों का विस्तृत ब्यौरा देंगे। वेदांता, जिंदल और अन्य बड़ी कंपनियों ने इस नीलामी में विशेष रुचि दिखाई है। कंपनियों के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 17 नवंबर निर्धारित की गई है, जबकि 19 नवंबर को टेंडर खोले जाएंगे। इससे पहले राज्य में सोनाखान इलाके के बागमहरा में गोल्ड माइंस की नीलामी की जा चुकी है, जहां वर्तमान में पूर्ववेक्षण कार्य जारी है।

लाइमस्टोन और सिल्वर भी नीलामी को तैयार

गोल्ड खान के अलावा राज्य में लाइमस्टोन, सिल्वर, कापर, बेस मेटल्स और आयरन ओर की खदानों की नीलामी की भी तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, लाइमस्टोन खदानों में अदाणी, अल्ट्राटेक और श्री सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियां रुचि दिखा रही हैं। वहीं, आयरन ओर खदानों के लिए प्रदेश की प्रमुख स्टील कंपनियां बोली लगाने की तैयारी में हैं। विभाग ने अनुमान जताया है कि इन नीलामियों से आने वाले वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व राज्य को प्राप्त होगा।

बलरामपुर में बेस मेटल्स और एसोसिएट मिनरल्स

बलरामपुर जिले के धुलांगी क्षेत्र में लगभग 150 हेक्टेयर क्षेत्र में बेस मेटल्स और एसोसिएट मिनरल्स सिल्वर और कापर की पुष्टि के बाद नीलामी के लिए आफर बुलाए गए हैं। वहीं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गोपालटोला क्षेत्र में लगभग 1,217 हेक्टेयर में आयरन ओर माइंस की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है। कबीरधाम जिले के भीकुरिया-छंटा (399 हेक्टेयर) और जगमड़वा-हनाईबांध (304 हेक्टेयर) में लाइमस्टोन ब्लाकों की भी नीलामी प्रस्तावित है। इन सभी नीलामियों की प्रक्रिया केंद्र सरकार की एजेंसी एमएमटीसी के माध्यम से कराई जाएगी।

15 कोल ब्लाक भी : केंद्र सरकार ने देशभर के 41 कोल ब्लाकों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की है, जिनमें छत्तीसगढ़ के 15 ब्लाक शामिल हैं। इनमें तौलीपाली, बताती-कोल्गा वेस्ट, मदवानी, करतला साउथ, कलगामार, गोरही महलोई श्रृंखला के चार ब्लाक, रेओंटी पूर्व, टेरम, विजयनगर उत्तर-दक्षिण और भटगांव के दो ब्लाक शामिल हैं।

अर्थव्यवस्था में बढ़ा खनिज का योगदान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिज क्षेत्र का योगदान लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी अब करीब 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है। राज्य गठन के समय जहां खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी, पिछले 25 वर्षों में राज्य के खनिज राजस्व में लगभग 34 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

महासमुंद जिले में लगभग 150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गोल्ड एवं एसोसिएटेड बेस मेटल्स के लिए कंपोज़िट लाइसेंस जारी किया गया है। खनिज साधन संचालनालय द्वारा इस खदान की नीलामी प्रक्रिया जारी है। छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी खनन राज्यों में शुमार है और आने वाले वर्षों में खनिज क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखता है।

– पी.दयानंद, सचिव, खनिज, विभाग छत्तीसगढ़



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