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केन्या रथ यात्रा विवाद: इस्कॉन के आयोजन में भारतीय उच्चायोग की मौजूदगी पर सवाल, जयशंकर से क्या मांग हुई?

15 अगस्त विज्ञापन


केन्या में इस्कॉन की तरफ से आयोजित रथ यात्रा में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के शामिल होने पर ओडिशा में भगवान जगन्नाथ के भक्तों के बीच भारी नाराजगी है। इस गैर-पारंपरिक समय पर आयोजित रथ यात्रा को लेकर भक्तों ने विरोध जताया है। पद्मश्री पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने विदेश मंत्री से अपील की है कि वे भारतीय राजदूतों और राजनयिकों को केवल उन्हीं रथ यात्रा कार्यक्रमों में शामिल होने की सलाह दें, जो पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की तिथियों और रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित होते हैं।

सुदर्शन पटनायक ने जताई चिंता

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य सुदर्शन पटनायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि इस तरह बिना तय समय के रथ यात्रा का आयोजन करने से दुनिया भर के करोड़ों जगन्नाथ भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने केन्या में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों की भागीदारी पर गहरी चिंता व्यक्त की। खबरों के अनुसार, इन अधिकारियों ने रथ यात्रा के दौरान रथ खींचा था और इस कार्यक्रम की तस्वीरें मिशन के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर भी साझा की थीं। पटनायक ने विदेश मंत्री को टैग करते हुए लिखा कि भारतीय दूतावासों को ऐसे कार्यक्रमों से जुड़ने से पहले पुरी मंदिर की पारंपरिक रीतियों का ध्यान रखना चाहिए।

इस्कॉन ने पारंपरिक तिथियों पर रथ यात्रा से किया इनकार

इस बीच, पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने बताया कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करेगी। उन्होंने बताया कि इस्कॉन ने विदेशों में मंदिर की परंपरा के अनुसार तय तिथियों पर रथ यात्रा आयोजित करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है। गजपति महाराज ने चार जुलाई को इस्कॉन के नए अध्यक्ष को पत्र लिखा था, जिसका जवाब उन्हें सात जुलाई को मिला। इस जवाब में इस्कॉन ने स्पष्ट किया कि वह भारत से बाहर अपनी तय की गई तिथियों पर ही रथ यात्रा का आयोजन जारी रखेगा।

ये भी पढ़ें: ISKCON: असमय जगन्नाथ की रथ यात्रा पर इस्कॉन को कलिंग सेना की चेतावनी, पुरी-भुवनेश्वर में विरोध का एलान

केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करेगी समिति

गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने कहा कि मंदिर प्रबंध समिति ने अब ओडिशा सरकार से चर्चा करने के बाद इस मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श करके इस विषय को केंद्र के संज्ञान में लाया जाएगा। इसके लिए पुरी मंदिर का एक प्रतिनिधिमंडल रथ यात्रा उत्सव के समाप्त होने के बाद दिल्ली का दौरा करेगा और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने का औपचारिक अनुरोध करेगा।



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