
जशपुर : जशपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात को बड़ी सफलता मिली है। चौकी कोतबा पुलिस ने उड़ीसा से प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप लाकर बिक्री करने वाले आरोपी मोहित कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 640 नग विस्कोरेक्स कोडीन फास्फेट कफ सिरप बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य 1 लाख 11 हजार रुपये है ।
आरोपी मोहित कुमार गुप्ता (35 वर्ष), ग्राम सुरंगपानी, चौकी कोतबा का निवासी है। वह लंबे समय से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में टेक्निकल टीम और मुखबिर तंत्र ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। सूचना मिलते ही लाखझार घाट पर नाकाबंदी कर कार्रवाई की गई ।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को मोटरसाइकिल पर उड़ीसा से सिरप लेकर लौटते पकड़ा। तलाशी में 4 कार्टून में कुल 640 शीशी (64,000 मिलीलीटर) प्रतिबंधित सिरप बरामद हुए। आरोपी कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका और अपराध कबूल कर लिया। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व मोबाइल फोन भी जब्त किए गए ।
चौकी कोतबा प्रभारी उपनिरीक्षक बृजेश यादव, थाना प्रभारी फरसाबहार उपनिरीक्षक विवेक कुमार भगत व पुलिस टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई। आरोपी के खिलाफ धारा 21(सी) नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया ।
ऑपरेशन आघात
ऑपरेशन आघात छत्तीसगढ़ पुलिस का नशा मुक्ति अभियान है, जो युवाओं को नशीले पदार्थों से बचाने पर केंद्रित है। जशपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में उड़ीसा व अन्य राज्यों से कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी आम है। यह सिरप नशे का सस्ता साधन बन गया है, जो किशोरों की सेहत बर्बाद कर रहा ।
पिछले वर्षों में जशपुर पुलिस ने गांजा, स्मैक व कफ सिरप के कई जखीरे पकड़े। मार्च 2025 में तपकरा पुलिस ने 15 किलो गांजा जब्त किया था। जनवरी 2026 में नारायणपुर में 55 लाख का गांजा व अन्य मामलों में सफलताएं मिलीं। एसपी ने चेतावनी दी कि नशा तस्करी में लिप्त कोई बख्शा नहीं जाएगा ।
नशीले कफ सिरप का खतरा
विस्कोरेक्स कोडीन फास्फेट सिरप में कोडीन होता है, जो अफीम के घटक से मिलता-जुलता है। बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री प्रतिबंधित है, फिर भी कालाबाजारी फलफूल रही। युवा इसे ‘कफी’ बोलकर पीते हैं, जिससे लत, लीवर क्षति व मौत का खतरा बढ़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या चरम पर है [conversation_history]।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े बताते हैं कि नशीले सिरप से जुड़े मामले 30% बढ़े हैं। जशपुर में आदिवासी युवाओं पर असर पड़ रहा, जो शिक्षा व रोजगार से भटक रहे। अभियान से जागरूकता बढ़ी है ।
तस्करी का नेटवर्क
आरोपी उड़ीसा के संबलपुर क्षेत्र से सिरप मंगवाता था, जहां यह सस्ते में उपलब्ध है। स्थानीय बिक्री से अच्छा मुनाफा कमाता। पूछताछ में बड़े नेटवर्क का संकेत मिला, जिसकी जांच जारी। मोबाइल कॉल डिटेल से सहयोगियों का पता लगाया जा रहा। सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी तेज ।
यह कार्रवाई जशपुरवासियों में उत्साह लाई। अभिभावक व सामाजिक संगठन पुलिस की सराहना कर रहे। नशा मुक्ति जागरूकता रैली व स्कूल कार्यक्रम बढ़े। स्थानीय विधायक ने अभियान को समर्थन दिया। भविष्य में और छापे की उम्मीद ।




