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जशपुर के पंडरापाट में 20 करोड़ की लगात से बनेगा तीरंदाजी अकादमी, CM विष्णुदेव साय और NTPC के बीच हुआ एग्रीमेंट

15 अगस्त विज्ञापन


नईदुनिया प्रतिनिधि, जशपुरनगरः जिले के सन्ना तहसील के पंडरापाठ में आधुनिक संसाधनों से लैस तीरंदाजी अकादमी खोला जाएगा। इसके लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और एनटीपीसी के बीच एग्रीमेंट में हुआ है। यह तीरंदाजी केंद्र एनटीपीसी के सीएसआर फंड से 20 करोड़ 53 लाख की लागत से बनाया जाएगा।

इस एग्रीमेंट के बाद मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनटीपीसी द्वारा आर्चरी सेंटर स्थापित किये जाने के लिए 20 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि सीएसआर के माध्यम से दी जा रही है, मुझे इस बात की खुशी है। उन्होंने कहा की जशपुर क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। इसके लिए सेंटर आरंभ होने से युवाओं को काफी सुविधा होगी।

2036 ओलंपिक में पदक लाने का लक्ष्य

वर्ष 2036 में भारत ने ओलंपिक खेलों के लिए दावेदारी प्रस्तुत की है। हमारी कोशिश होगी कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी अधिकतम संख्या में राष्ट्रीय टीम में हिस्सा लेकर पदक जीतें। यह तब संभव होगा जब हम आर्चरी सेंटर की तरह ही नये प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगे, यहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चिन्हांकित कर उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि हमने यह भी घोषणा की है कि जो खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करेंगे, उन्हें तीन करोड़ रुपए दिये जाएंगे। ऐसे ही रजत पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 2 करोड़ रुपए एवं कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 1 करोड़ रुपए दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने लंबित राज्य खेल अलंकरण समारोह पुनः आयोजित कराए और इसके माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमने खेलो इंडिया के नये सेंटर प्रदेश में आरंभ किए गए हैं। हमारी कोशिश है कि जनजातीय क्षेत्रों में खेलों की अधोसंरचना का विशेष रूप से विकास हो। हमारा देश हमेशा से तीरंदाजी में अग्रणी स्थिति में रहा है। महाभारत और रामायण जैसे हमारे पवित्र ग्रंथों के नायक भी इस विधा में कुशल रहे हैं। इसी परंपरा में आगे बढ़ते हुए प्रशिक्षित खिलाड़ी तैयार करें।

दस एकड़ में तैयार होगा प्रशिक्षण केंद्र

बता दें कि सन्ना के पंडरापाठ में 10.27 एकड़ भूमि में अकादमी बनाया जाएगा। जहां आउटडोर तीरंदाजी रेंज, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, खिलाड़ियों की सुविधा के लिए भवन, जैविक खेती के लिए छायादार नर्सरी, पुस्तकालय, चिकित्सा केंद्र,कौशल विकास केन्द्र, हर्बल वृक्षारोपण, मैदान आदि शामिल हैं।

भारत में आरचेरी का गहरा इतिहास है। महाभारत और रामायण में भी धनुर्विद्या का उल्लेख है। आधुनिक खेलों में भारत के खिलाड़ी जैसे दीपिका कुमारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

डीएमएफ से चल रहा है प्रशिक्षण केंद्र

फिलहाल जिला मुख्यालय जशपुर में डीएमएफ के सहयोग से संचालित एकलव्य अकादमी में ताईक्वांडो और तैराकी के साथ तीरंदांजी का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस अकादमी में प्रशिक्षु युवाओं ने प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुके हैं।

जिले के कांसाबेल ब्लॉक के बगिया में स्थित सीएम कैंप कार्यालय में हुए इस एग्रीमेंट के दौरान कलेक्टर रोहित व्यास एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक मानव संसाधन बिलाश मोहंती उप महाप्रबंधक निशांत बंसल, वरिष्ठ प्रबंधक विधी गैरिक गुरु डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा उपस्थित रहे।



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