बगीचा की राशन दुकान से 286 क्विंटल चावल और 8 क्विंटल शक्कर गायब, जांच में खुली पोल

जशपुर जिले के बगीचा क्षेत्र में गरीबों के हक के राशन को लेकर सामने आई जांच रिपोर्ट ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में ग्राम पंचायत कलिया की शासकीय उचित मूल्य दुकान, दुकान आईडी 562003049 से 286.07 क्विंटल चावल, 8 क्विंटल शक्कर, 0.42 क्विंटल चना और 3.36 क्विंटल नमक कम पाया गया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देशभर में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

खाद्य निरीक्षक ने 25 अगस्त 2026 को दुकान का भौतिक सत्यापन किया। जांच में ऑनलाइन सर्वर पर दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद राशन में भारी अंतर मिला। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से खाद्य वितरण में अनियमितता पाए जाने का उल्लेख किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात 286.07 क्विंटल चावल की कमी है, जो गरीब परिवारों के महीने का सहारा होता है।
मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बगीचा कार्यालय ने 9 सितंबर 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के प्रावधानों और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए जवाब मांगा गया है।

हालांकि, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी जांच में राशन का इतना बड़ा अंतर सामने आ गया, तो अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। क्या गरीबों के हिस्से के राशन में इतनी बड़ी कमी सिर्फ कारण बताओ नोटिस तक सीमित रह जाएगी? क्या जांच रिपोर्ट के बाद भी जिम्मेदारी तय करने में इतनी देर होगी?
एक ओर सेवा और जनकल्याण के बड़े-बड़े आयोजन हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबों के हक के राशन में भारी कमी का मामला सामने आया है। गरीबों के पेट का निवाला अगर रिकॉर्ड और गोदाम के बीच गायब हो जाए, तो इसे सिर्फ कागजी अनियमितता मानकर छोड़ देना कई सवाल खड़े करता है।
अब निगाह प्रशासन पर है कि जांच में सामने आई कमी पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति होती है या जिम्मेदार लोगों पर वास्तविक कार्रवाई भी होती है। क्योंकि गरीबों के हक का राशन वापस दिलाना और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई करना ही सेवा की असली कसौटी है।

