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जांजगीर-चांपा में 50 लोगों की घर वापसी, लालच में मतांतरित हुए लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म, तेंदुआ धाम में भावुक हुए ग्रामीण

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एक विशेष कार्यक्रम में लगभग 50 लोगों ने सनातन धर्म अपनाया। उपस्थित लोगों ने भावुक माहौल में अपने पूर्वजों की संस्कृति को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने का स …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 05 May 2026 05:22:41 PM (IST)Updated Date: Tue, 05 May 2026 05:22:41 PM (IST)

तेंदुआ धाम में 50 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म।

HighLights

  1. स्वामी रामभद्राचार्य के सान्निध्य में घर वापसी
  2. तेंदुआ धाम में 50 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म
  3. प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने लोगों के पखारे चरण

नईदुनिया न्यूज, जांजगीर-चांपा। शिवरीनारायण के समीप स्थित श्री राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के दौरान सोमवार को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के सान्निध्य में एक विशेष कार्यक्रम में लगभग 50 लोगों ने सनातन संस्कृति के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए पुनः घर वापसी का संकल्प लिया। इस आयोजन में अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण और श्रद्धा का अद्भुत संगम

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, विश्वास और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने भावुक माहौल में अपने पूर्वजों की संस्कृति को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और अन्य वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समृद्ध और व्यापक परंपरा है, जो समाज को एकता, नैतिकता और सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।

‘शबरी की निष्ठा’ रामकथा में जुटे दिग्गज

ज्ञात हो कि श्री राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के सान्निध्य में 27 अप्रैल से 5 मई तक ‘शबरी की निष्ठा’ विषय पर नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में सोमवार को सनातन संस्कृति से भटके हुए लोगों के लिए घर वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डबरा मठ कोटमी सोनार के महंत सर्वेश्वर दास जी महाराज, समाजसेवी अंजू गबेल, आश्रम के संचालक डॉ. अशोक हरिवंश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में पद्मश्री फुलवासन बाई यादव का अपहरण, दो महिला समेत तीन लोग गिरफ्तार

क्षेत्र में नई चेतना और सामाजिक समरसता का संचार

शिवरीनारायण क्षेत्र के ग्राम गोधना, कुरियारी, तुस्मा, कटौद सहित आसपास गांव के लोग बड़ी संख्या में मतांतरित हो चुके हैं। क्षेत्र के भोले-भाले लोगों को लालच देकर ईसाई बनाया गया है। रामकथा के दौरान हुए इस घर वापसी के आयोजन ने क्षेत्र में नई चेतना का संचार करते हुए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश दिया, जो उपस्थित जनसमूह के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।



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