
गौरीशंकर गुप्ता /जांजगीर-चांपा: जांजगीर-चांपा जिले में धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान अवैध गतिविधियों पर प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में ग्राम मेऊ के शासकीय धान खरीदी केंद्र पर निरीक्षण के दौरान 201 बोरी अनधिकृत धान बरामद हुई, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। जिला खाद्य अधिकारी कौशल साहू ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि यह भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का हिस्सा है।
पामगढ़ क्षेत्र के मेऊ गांव में स्थित धान खरीदी केंद्र पर जिला खाद्य अधिकारी कौशल साहू ने अचानक छापा मारा। केंद्र परिसर में अनधिकृत रूप से संग्रहित 201 बोरी धान बरामद की गई, जो शासकीय खरीदी प्रक्रिया के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था। ये बोरी किसानों के बजाय निजी व्यापारियों द्वारा जमा की गई प्रतीत हो रही थीं, जिससे MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे। जब्त धान का मूल्यांकन कर नीलामी या अन्य वैध प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
केंद्र प्रभारी और संचालकों से पूछताछ की गई है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ये बोरी बिना सत्यापन के रखी गई थीं, जो धान घोटाले का संकेत दे रही हैं। प्रशासन ने FIR दर्ज करने की तैयारी की है।
कलेक्टर ने धान खरीदी सत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। जिले भर में खरीदी केंद्रों, राइस मिलों और गोदामों पर नियमित निरीक्षण हो रहे हैं। हाल ही में जिले में 293 बोरी से अधिक अवैध धान जब्त हो चुकी है, जिसमें मेऊ के अलावा अन्य जगहों पर भी कार्रवाई शामिल है। इससे पहले राइस मिलों से करोड़ों का धान सीज किया गया था।
जिला खाद्य विभाग ने किसानों को हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि वे अवैध वसूली या अनियमितताओं की शिकायत कर सकें। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द और कानूनी कार्रवाई होगी।
धान खरीदी में बढ़ते घोटाले
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी एक संवेदनशील मुद्दा है, जहां किसानों से प्रति क्विंटल 7 रुपये वसूली या नकली धान जमा करने की शिकायतें आम हैं। जांजगीर-चांपा जैसे धान उत्पादक जिले में यह समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। पिछले सत्र में 31 अधिकारियों को निलंबित किया गया था। वर्तमान में 70 करोड़ से अधिक मूल्य का अवैध धान जब्त हो चुका है।
किसान संगठनों ने प्रशासन की सराहना की है, लेकिन अधिक सतर्कता की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल वेरिफिकेशन और CCTV से पारदर्शिता बढ़ेगी।
मेऊ गांव के किसानों ने कार्रवाई का स्वागत किया। एक किसान ने कहा, “अब हमारी फसल का सही मूल्य मिलेगा।” वहीं, कुछ व्यापारियों में हड़कंप है। जिला प्रशासन ने जागरूकता शिविर लगाने का ऐलान किया है। यह अभियान अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनेगा।




