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IG रतन लाल डांगी सस्पेंड, SI की पत्नी ने लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप निलंबित

IG रतन लाल डांगी सस्पेंड, SI की पत्नी ने लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप निलंबित

15 अगस्त विज्ञापन

घरघोड़ा (रायगढ़)/गौरीशंकर गुप्ता : छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और इंस्पेक्टर जनरल (IG) रतन लाल डांगी को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक सब इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के संगीन आरोपों के बाद हुई है, जिसकी जांच के दौरान आचरण के खिलाफ प्राथमिक सबूत मिलने पर सरकार ने निलंबन का आदेश जारी किया है।

आरोप लगाने वाली महिला, जो एक पुलिस अधिकारी की पत्नी है, ने 15 अक्टूबर 2025 को राज्य पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप है कि डांगी ने 2017 से 2024 तक उसके साथ यौन उत्पीड़न और भावनात्मक शोषण किया, जिसमें आपत्तिजनक वीडियो कॉल, निजी मुलाकातों के लिए दबाव और उसके पति की पोस्टिंग के लिए धमकियां शामिल थीं। महिला ने यह भी दावा किया है कि वह डांगी के कई पदस्थापन कालक्रम (जैसे SP कोरबा सहित विभिन्न जिले) में उसके “शोषण” का शिकार रही है।

गृह (पुलिस) विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि IG रतन लाल डांगी का आचरण पद के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नया रायपुर पुलिस मुख्यालय तय किया गया है, और वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना इस मुख्यालय से बाहर नहीं निकल सकते। इससे पहले यौन उत्पीड़न के आरोपों के आने पर डांगी को IG पद से भी हटा दिया गया था और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।

महिला की शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन ने विभागीय जांच शुरू की, जिसमें अधिकारियों ने प्राथमिक स्तर पर आचरण में गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग के संकेत पाए। इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई। डांगी ने सभी आरोपों को न केवल सिरे से खारिज किया है, बल्कि यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता महिला उन्हें ब्लैकमेल और धन की रिश्वत के लिए प्रताड़ित कर रही थी। उन्होंने कहा कि वह महिला उनके परिवार से जुड़ी थी और उनकी जान पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से 2019 से ही चल रही थी।

राज्य सरकार के निलंबन आदेश के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि लगातार डांगी के खिलाफ आने वाली शिकायतों और उनके संबंध में वायरल हो रही आपत्तिजनक तस्वीरों के कारण राज्य पुलिस की छवि खराब हो रही थी, इसलिए सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी प्रक्रिया के अनुसार आगे चलेगी और निलंबन अवधि में अन्य विभागीय कदमों की घोषणा भी की जा सकती है।

इस पूरे मामले ने छत्तीसगढ़ पुलिस में आचरण, शक्ति के दुरुपयोग और स्तरीय शोषण के विषय पर फिर से चर्चा शुरू कर दी है, जबकि सरकार ने सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए त्वरित और कड़ी कार्रवाई की छवि दिखाने की प्रयास किया है।

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