Uncategorized

Hormuz: ‘होर्मुज में जहाजों पर हमले और आवाजाही बाधित करना अस्वीकार्य’, संयुक्त राष्ट्र में भारत की दो टूक

15 अगस्त विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ऊर्जा और उर्वरक संकट पर भारत का दृष्टिकोण रखा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा और आवाजाही की स्वतंत्रता में बाधाओं पर चिंता जताई। हरीश ने वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और नागरिक चालक दल को खतरे में डालने को अस्वीकार्य बताया। साथ ही भारत ने जोर देकर कहा कि सुरक्षित समुद्री मार्गों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।

यूएन में ऊर्जा और आपूर्ति की गई बैठक

बता दें कि, पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की विशेष बैठक में भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य ऊर्जा और आपूर्ति प्रवाह की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उन्होंने कहा कि संकट से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अल्पकालिक और संरचनात्मक उपाय आवश्यक हैं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हरीश ने ‘एक्स’ पर लिखा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह सम्मान किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- US-Iran Tensions: क्या ईरान पर फिर हमले की तैयारी कर रहा अमेरिका? ट्रंप के पोस्ट से पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

ईरान का नया समुद्री तंत्र

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को विनियमित करने के लिए एक पेशेवर तंत्र की घोषणा की है। ईरानी संसद के एनएससी प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने ‘एक्स’ पर बताया कि यह तंत्र जल्द ही अनावरण होगा। इसे ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता के तहत विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस तंत्र से केवल ईरान के साथ सहयोग करने वाले वाणिज्यिक जहाजों को लाभ मिलेगा। यह मार्ग ‘स्वतंत्रता परियोजना’ से जुड़े ऑपरेटरों के लिए बंद रहेगा।

पश्चिम एशिया में शांति पर मतभेद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम एशिया संकट को समाप्त करने के लिए शांति समझौता नहीं हुआ तो बहुत बुरा समय आएगा। इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में शांति का प्राथमिक अवरोधक है। अराघची ने दावा किया कि 40 दिनों के युद्ध के बाद अमेरिका ने बातचीत का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि तेहरान में इस कदम पर गहरा संदेह है। अराघची ने अमेरिकियों पर अविश्वास व्यक्त किया और इसे किसी भी कूटनीतिक प्रयास में मुख्य बाधा बताया।

ओमान तट पर भारतीय जहाज पर हमला

दरअसल, कुछ दिन पहले ओमान तट के पास भारत के झंडे वाले एक व्यापारिक जहाज पर हमला हुआ था। यह जहाज सोमालिया से रवाना हुआ था। ओमान की अधिकारियों ने जहाज पर मौजूद सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया, लेकिन हमला किसने किया, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई।

यह भी पढ़ें- इराक में अली अल-जैदी सरकार: US-EU से लेकर ईरान-तुर्किये में कैसा माहौल, संदेश में प्रधानमंत्री मोदी क्या बोले?

पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से तनाव बरकरार

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। यह ओमान के पास स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा सप्लाई गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया के तेल और गैस बाजार पर असर डाल सकता है। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष बढ़ गया, जिसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार किए। इसी के बाद से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और ज्यादा बढ़ गई है।

 



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!