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गोवा माइनिंग घोटाला: ED ने सिंगापुर तक फैली 1,023 करोड़ की संपत्ति की जब्त, 5,237 करोड़ की ‘काली कमाई’ का दावा

15 अगस्त विज्ञापन


प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गोवा के कथित गैर-कानूनी आयरन ओर माइनिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,023 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां ज़ब्त की हैं। एजेंसी ने बताया कि 19 जून को ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA) के तहत एक प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया गया। ED के अनुसार, यह कार्रवाई सलगांवकर ग्रुप और उससे जुड़े AVS ग्रुप पर बड़े पैमाने पर अवैध आयरन ओर खनन और उससे अर्जित कथित अवैध संपत्तियों के मामले में की गई है। जब्त की गई संपत्तियों में भारत के साथ-साथ सिंगापुर में स्थित अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।

भारत और सिंगापुर में फैली हजार करोड़ की संपत्तियां जब्त

ED के अनुसार, ज़ब्त की गई संपत्तियों में भारत में मौजूद 99 अचल संपत्तियां (459.10 करोड़ रुपये), सिंगापुर में 31 अचल संपत्तियां (471.32 करोड़ रुपये) और भारतीय कंपनियों में इक्विटी शेयर (93.42 करोड़ रुपये) शामिल हैं। ये संपत्तियां स्वर्गीय अनिल सलगांवकर की एस्टेट (उनकी एडमिनिस्ट्रेटर लक्ष्मी अनिल सलगांवकर के माध्यम से), सलगांवकर माइनिंग इंडस्ट्रीज़, शांतिलाल खुशालदास एंड ब्रदर्स, एस. कांतिलाल एंड कंपनी, सालिथो ओर्स, वर्टेक्स न्यूटन प्रोजेक्ट्स और सुवर्णरेखा पोर्ट के नाम पर थीं। इन संपत्तियों की कुल कीमत 1,023.85 करोड़ रुपये बताई गई है।

2007-12 के दौरान 10 माइनिंग लीज़ संचालित करने का आरोप

मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच गोवा पुलिस CID की FIR के आधार पर शुरू हुई है। ED ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2014 और 2018 के अपने फैसलों में माना था कि 22 नवंबर 2007 के बाद (नए माइनिंग लीज़ जारी होने तक) गोवा में की गई सभी माइनिंग गैर-कानूनी थी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसकी जांच में पाया गया कि AVS ग्रुप ने 2007-12 के दौरान दस माइनिंग लीज़ संचालित कीं और आयरन ओर की गैर-कानूनी खुदाई, बिक्री और निर्यात से 2,492.95 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।

शेल कंपनियों के जरिए चीन तक पहुंचा आयरन ओर

‘गैर-कानूनी’ तरीके से निकाले गए ओर को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (BVI) में बनाई गई शेल कंपनियों (स्पेशल पर्पस व्हीकल्स) को ‘बहुत कम कीमत’ पर निर्यात किया गया। ये कंपनियां केवल कागज़ी मध्यस्थ के रूप में काम करती थीं और ओर को चीन को दोबारा बेच देती थीं, जिससे 2,744.89 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऑफशोर व्यापारिक मुनाफा कमाया गया।

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5,237 करोड़ रुपये की कुल अपराध आय का दावा

एजेंसी के अनुसार, अपराध से हुई कुल कमाई का आकलन 5,237.84 करोड़ रुपये किया गया है। ED का आरोप है कि ‘इन फंड्स को BVI और सिंगापुर में मौजूद SPV के माध्यम से घुमाया गया, इनका इस्तेमाल विदेशों में बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया, और कुछ हिस्सा शेयर कैपिटल के रूप में वापस भारत लाया गया।’ 



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