
गौरीशंकर गुप्ता/ रायगढ़, 2 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा नगर पंचायत में कथित करोड़ों रुपये के वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफाश होने से हड़कंप मच गया है। एक साधारण RTI आवेदन ने नगर पंचायत के अफसरों और अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। स्थानीय निवासी द्वारा दाखिल इस RTI ने निर्माण कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और फंड उपयोग में गंभीर खामियों का खुलासा किया है, जिससे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की आहट सुनाई देने लगी है।
घरघोड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर साहू ने जनवरी 2026 में RTI दाखिल की थी, जिसमें नगर पंचायत के पिछले तीन वर्षों के विकास कार्यों, सड़क निर्माण, नाली निर्माण और स्ट्रीट लाइट पर खर्च का विवरण मांगा गया। RTI में सामने आया कि 15 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स में फर्जी बिल, अधूरी निर्माण कार्य और टेंडर की अनियमित आवंटन के प्रमाण मिले। एक सड़क निर्माण में मात्र 40 लाख का टेंडर 2.5 करोड़ के खर्च पर पूरा दिखाया गया, जबकि काम आधा भी नहीं हुआ।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिले दस्तावेजों से पता चला कि नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी (सीईओ) और जेई ने मिलीभगत से फंड का दुरुपयोग किया। 2024-25 में केंद्र सरकार की AMRUT योजना के तहत मिले 5 करोड़ रुपये गायब दिखे, जबकि बही-खाते में सब कुछ सामान्य दर्ज है। RTI कार्यकर्ता साहू ने कहा, “एक साधारण आवेदन ने करोड़ों के खेल का पिटारा खोल दिया। अब जांच जरूरी है।”
नगर पंचायत के सीईओ राकेश पटेल और जूनियर इंजीनियर संजय वर्मा पर मुख्य आरोप हैं। RTI में खुलासा हुआ कि एक ही ठेकेदार को 80% टेंडर दिए गए, जो उनके रिश्तेदार हैं। स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट में 1.2 करोड़ खर्च दिखाकर मात्र 200 लाइटें लगाई गईं, जबकि 1000 का लक्ष्य था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अफसरों को नोटिस जारी करने की मांग की है। घरघोड़ा BJP विधायक के प्रतिनिधि ने कलेक्टर को शिकायत भेजी है।
पिछले साल भी घरघोड़ा में इसी तरह का मामला सामने आया था, जब नाली निर्माण में 50 लाख के गबन का खुलासा हुआ। अब इस RTI ने पुराने घाव कुरेद दिए हैं। जिला प्रशासन ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है, लेकिन अफसरों ने सफाई दी है कि सभी खाते सही हैं।




