छत्तीसगढ़

गेवरा खदान के लिए हरदीबाजार में अस्पताल समेत कई सरकारी भवन ढहे, ग्रामीणों ने SECL दफ्तर पर किया तालाबंदी

15 अगस्त विज्ञापन

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में SECL गेवरा खदान के नए प्रोजेक्ट के लिए सरकारी अस्पताल को तोड़ दिया गया है। इसके विरोध में आज ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं। हरदीबाजार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवन पर शुक्रवार को उस वक्त बुलडोजर चलाया गया, जब कई लोग इलाज कराने भी पहुंचे हुए थे। इसके अलावा छात्रावास, आंगनबाड़ी और पटवारी ऑफिस भी ढहा दिया गया है।

शनिवार को कटघोरा से बीजेपी विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण दीपका स्थित SECL के मुख्य महाप्रबंधक (GM) दफ्तर पहुंचे और मेन गेट पर तालाबंदी कर दी। इस दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात है। ग्रामीणों ने 100 प्रतिशत मुआवजा, नौकरी, बसाहट और वैकल्पिक अस्पताल की मांग की है। प्रदर्शन में हरदीबाजार, सराई सिंगार, रेंकी और आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग शामिल हैं।

SECL प्रबंधन के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई के तहत सरकारी भवनों को तोड़ा गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग, पटवारी कार्यालय और आंगनबाड़ी से दस्तावेज और जरूरी सामान बाहर निकालने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। कर्मचारियों के मुताबिक, दवाइयां, दस्तावेज और अन्य सामग्री भवनों के मलबे में दब गई।

कार्रवाई के दौरान शुक्रवार सुबह कई मरीज रोज की तरह स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। अस्पताल भवन को तोड़े जाने की कार्रवाई देखकर उन्हें बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी पहले से नहीं थी। अचानक भवन तोड़े जाने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मुआवजा, नौकरी, बसाहट और पुनर्वास से जुड़े मामलों का समाधान नहीं होता, तब तक अस्पताल भवन को नहीं तोड़ा जाना चाहिए था। ग्रामीणों के अनुसार यह अस्पताल आसपास के लोगों के इलाज का मुख्य सहारा था। अस्पताल टूटने के बाद क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रदर्शन के दौरान दीपका GM अशोक कुमार ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। GM अशोक ने कहा कि जो मांग की जा रही है, वह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उच्च अधिकारियों से बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसईसीएल के पीआरओ डॉ. सनीश चंद्र ने कहा कि ग्रामवासियों ने स्थानीय प्रबंधन से बातचीत की पहल की है। अगले एक-दो दिनों में मुख्यालय स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। इसमें ग्रामीणों के सुझाव सुने जाएंगे और नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी पक्षों से शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील की।

इससे जुड़ी एक अन्य खबर के मुताबिक, कोरबा जिले के हरदीबाजार क्षेत्र में एसईसीएल गेवरा खदान के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने कई सरकारी भवनों को बुलडोजर से ढहा दिया। कार्रवाई में स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, आंगनबाड़ी और पटवारी कार्यालय शामिल हैं। भवन तोड़े जाने का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया।

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