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गांजा तस्करी पर करारा प्रहार, उप निरीक्षक गिरधारी साव की सटीक विवेचना से एनडीपीएस आरोपी को 5 साल की सजा, 50 हजार का जुर्माना

A major blow to cannabis trafficking: Thanks to the meticulous investigation by Sub-Inspector Girdhari Saw, the NDPS accused has been sentenced to 5 years in prison and fined 50,000 rupees

15 अगस्त विज्ञापन

गौरीशंकर गुप्ता /घरघोड़ा/ बिलासपुर। थाना सरकंडा के बहुचर्चित एनडीपीएस प्रकरण में उप निरीक्षक गिरधारी साव की मजबूत विवेचना और लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी को कड़ी सजा दिलाने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) बिलासपुर कुमारी पुष्पलता मारकंडे की अदालत ने अपराध क्रमांक 58/2024 धारा 20(बी), (IIबी) एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी रामकुमार सूर्यवंशी पिता स्वर्गीय पहरू सूर्यवंशी उम्र 37 वर्ष निवासी परसाही थाना सरकंडा को 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में सशक्त विवेचना उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा की गई, जबकि अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संजय नागदेव ने प्रभावी पैरवी की।

अभियोजन के अनुसार 11 जनवरी 2024 की शाम सरकंडा थाना क्षेत्र के हाईवे मार्ग पर आरोपी गांजा लेकर ग्राहक की तलाश में खड़ा था। इसी दौरान उप निरीक्षक गिरधारी साव ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल टीम गठित की और वर्तमान थाना प्रभारी लैलूंगा, हमराह पुलिस बल व गवाहों के साथ घेराबंदी कर रेड कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 2 किलो 200 ग्राम मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया। मौके से ही आरोपी को हिरासत में लेकर थाना सरकंडा लाया गया, जहां उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान उप निरीक्षक गिरधारी साव ने जब्त मादक पदार्थ का विधिवत भौतिक सत्यापन कर सैंपलिंग, सीलबंदी, फोटोग्राफी कर एफएसएल परीक्षण के लिए भेजा और पूरे प्रकरण में चक्षुदर्शी, पुलिस, विशेषज्ञ, चिकित्सकीय एवं पंच साक्षियों सहित कुल 57 महत्वपूर्ण दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए।

माननीय न्यायालय में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किया गया और अभियोजन द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला उप निरीक्षक गिरधारी साव की सटीक विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन और अनुशासित जांच प्रक्रिया का सीधा परिणाम माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि उप निरीक्षक गिरधारी साव इससे पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास जैसे कई जघन्य मामलों में आरोपियों को सख्त सजा दिला चुके हैं। एनडीपीएस जैसे कठिन और तकनीकी मामलों में सजा दिलाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है, लेकिन गिरधारी साव की मेहनत, सतर्कता और पेशेवर विवेचना के चलते यह बड़ी सफलता हासिल हुई है। रायगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के मार्गदर्शन में अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है और ऐसे मामलों में सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

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