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दुर्ग के सुपेला थाने के लिस्टेड गुंडा-बदमाश रवि निगम के खिलाफ पिछले 13 साल में पांच आपराधिक मामले दर्ज हुए

15 अगस्त विज्ञापन

दुर्ग के सुपेला थाने के लिस्टेड गुंडा-बदमाश रवि निगम के खिलाफ पिछले 13 साल में पांच आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। पिछले कुछ महीनों से उसका नाम राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच विवादों में भी रहा है। अब जिला प्रशासन ने उसे एक साल के लिए जिला बदर कर दिया है। सुपेला के रावण भाठा निवासी रवि निगम (35) को 1 साल तक अपने जिले से बाहर रहना होगा।

जिला दंडाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ बजरंग दल के पूर्व जिला अध्यक्ष रवि निगम को दुर्ग के अलावा राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बालोद और बेमेतरा जिले की सीमा से भी बाहर रहने का आदेश दिया है। उसे एक सप्ताह के भीतर इन सभी जिलों की सीमा से बाहर जाना होगा। तय अवधि के दौरान सक्षम अनुमति के बिना वह इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रवि निगम के खिलाफ सुपेला और पद्मनाभपुर थाने में 2013 से 2025 के बीच पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, रास्ता रोकना, बलवा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं।

साल 2013 के मामले में मारपीट और धमकी के आरोप लगे थे। वहीं, 2018 के मामले में मारपीट और धमकी के साथ घर के दरवाजे को पत्थर मारकर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत में आसपास के कुछ लोगों से मारपीट का भी जिक्र था।

दुकान बंद कराने को लेकर भी दर्ज हुआ मामला

साल 2023 में सुपेला थाने में दर्ज एक मामले में दुकान बंद कराने को लेकर रवि निगम, ज्योति शर्मा और उनके साथ आए लोगों पर दुकान के बाहर रखे सामान को डंडे से पीटने और दुकानदार को घेरकर धमकाने का आरोप लगा था।

इसी साल दर्ज एक अन्य मामले में मारपीट, बलवा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं लगाई गई थीं। साल 2025 में पद्मनाभपुर थाने में भी धमकी और मारपीट से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने कहा- समझाने और रोकने के बाद भी नहीं हुआ असर

जिला बदर की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रवि निगम का आपराधिक रिकॉर्ड, पुराने मामलों, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेज जिला प्रशासन के सामने पेश किए। पुलिस रिपोर्ट में उस पर लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने और विवाद की स्थिति में भीड़ जुटाकर अशांति पैदा करने जैसे आरोपों का जिक्र किया गया।

प्रशासन ने सुनवाई के बाद माना कि पहले की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का अपेक्षित असर नहीं हुआ। कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रवि निगम को एक साल के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया गया।

पहले बजरंग दल से निष्कासित, बाद में जिला अध्यक्ष बना

रवि निगम का नाम पिछले कुछ सालों में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े विवादों में भी सामने आता रहा है। 17 जनवरी 2022 को उसे विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल से निष्कासित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद वह छत्तीसगढ़ बजरंग दल से जुड़ा और भिलाई जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। अप्रैल 2026 में चर्च से पैसे मांगने के कथित ऑडियो को लेकर भी विवाद हुआ था। इसके बाद उसे छत्तीसगढ़ बजरंग दल के सभी पदों से हटाए जाने की बात सामने आई थी।

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