छत्तीसगढ़

धर्मांतरित महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार पर विवाद, बैठक के बाद हिंदू रीति से हुआ अंतिम संस्कार

15 अगस्त विज्ञापन

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नवागांव में धर्मांतरित महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों और समाज के लोगों ने परिवार पर धर्म परिवर्तन कर गांव की परंपराओं से अलग रहने का आरोप लगाया। मामला सिहावा थाना क्षेत्र का है।

नवागांव की रहने वाली पियन साहू (55) का अचानक निधन हो गया था। पियन बाई तलाकशुदा थी और भाई के साथ रहती थी। परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की, लेकिन ग्रामीणों और समाज के लोगों ने कहा कि अंतिम संस्कार गांव और समाज की परंपरा के अनुसार किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों और समाज के लोगों का आरोप था कि मृतका का परिवार पिछले कुछ सालों से ईसाई मिशनरी से जुड़ा हुआ था और समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रम नहीं करता था। इसी वजह से अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हुआ।

ग्रामीणों का कहना था कि गांव में किसी की मौत होने पर पूरा गांव अंतिम संस्कार की तैयारी में सहयोग करता है। इसके लिए लकड़ी सहित अन्य जरूरी सामान जुटाया जाता है और समाज के लोग भी शामिल होते हैं। लेकिन इस परिवार के समाज से अलग रहने के कारण सहयोग को लेकर विवाद की स्थिति बनी।

विवाद बढ़ने के बाद सरपंच, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष और समाज के प्रमुख लोगों ने परिवार से बातचीत की। कई घंटे चली बैठक में परिवार की ओर से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई गई। परिवार ने यह भी कहा कि आगे से वह गांव और समाज के कार्यक्रमों में शामिल होगा।

इसके बाद ग्रामीणों और समाज के लोगों की मौजूदगी में महिला का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। सहमति बनने के बाद ग्रामीणों और समाज के लोगों ने परिवार को समाज में दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की।

गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद नारियल फोड़ा गया, प्रसाद खिलाया गया और गंगाजल का छिड़काव किया गया। परिवार के सदस्यों को तुलसी का पत्ता भी खिलाया गया। ग्रामीणों ने परिवार के सदस्यों के पैर धोए, गंगाजल पिलाया, तुलसी पत्र खिलाया और तिलक लगाकर प्रसाद बांटा। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद महिला का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।

मृतिका पियन साहू (55) के भाई उमेश साहू ने बताया कि उनका परिवार करीब 8 साल से ईसाई मिशनरी से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार के समय गांव में विवाद की स्थिति बनी और बैठक में परिवार के सामने समाज के साथ रहने की बात रखी गई। अब परिवार ने आगे समाज के साथ रहने की बात कही है।

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!