चिल्फी में पर्यटन कॉलेज खोलने की मांग
पर्यटन की संभावना वाले कबीरधाम जिले में पर्यटन आधारित उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित करने की मांग उठी है। राज्यपाल के चिल्फी प्रवास के दौरान जिले के युवाओं ने ज्ञापन सौंपकर चिल्फी में पर्यटन कॉलेज, जिले में एलएलबी, बीएड, काउंसिलिंग (मनोविज्ञान) और फॉरेंसिक साइंस कॉलेज की स्थापना की मांग की गई। बताया गया है कि कबीरधाम जिला प्राकृतिक सौंदर्य, चिल्फी घाटी, भोरमदेव मंदिर, बैगा जनजातीय संस्कृति, घने वन, वन्यजीव, जलप्रपात और ईको-टूरिज्म की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों में से एक है। हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं, लेकिन पर्यटन क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए जिले में कोई विशेष शिक्षण संस्थान नहीं है। चिल्फी क्षेत्र के 6 युवा भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान ग्वालियर से पर्यटन गाइड का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके बावजूद जिले में पर्यटन शिक्षा से संबंधित कॉलेज नहीं होने के कारण स्थानीय युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। यदि चिल्फी में पर्यटन कॉलेज स्थापित किया जाता है तो पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। यहां के युवा उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिले पर हैं निर्भर कबीरधाम जैसे आदिवासी व वनांचल जिले में एलएलबी, बीएड, काउंसिलिंग और फॉरेंसिक साइंस जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों की पढ़ाई की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इन विषयों की शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत अन्य शहर में जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर रहकर पढ़ाई का खर्च वहन करना कठिन होता है, जिसके कारण कई छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। युवाओं ने राज्यपाल से आग्रह किया कि कबीरधाम जिले की पर्यटन क्षमता और विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिल्फी में पर्यटन कॉलेज व जिले में एलएलबी, बीएड, काउंसलिंग व फॉरेंसिक साइंस कॉलेज की स्थापना के लिए राज्य शासन स्तर पर आवश्यक पहल की जाए।




