छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ राजस्व निरीक्षक भर्ती घोटाला: पेपर लीक केस में दो अधिकारियों की गिरफ्तारी, ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई

Chhattisgarh Revenue Inspector Recruitment Scam: Two officers arrested in paper leak case, major action by ACB-EOW

15 अगस्त विज्ञापन

घरघोड़ा/रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य में हाल ही में सामने आए राजस्व निरीक्षक भर्ती घोटाले ने एक बार फिर सरकारी परीक्षा प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। इसके तहत पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर प्रमोशन के लिए आयोजित की गई परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक करने और मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों को पेपर देने के आरोप में दो सहायक सांख्यिकी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कड़ी कार्रवाई को आर्थिक अपराध जांच शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मिलकर अंजाम दिया।

राज्य में 2024 में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पदोन्नति परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 2600 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस परीक्षा का परिणाम फरवरी 2024 में जारी हुआ, जिसमें प्रारंभ में 216 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, बाद में अंतिम चयन संख्या बढ़ा कर 22 और अभ्यर्थियों को चुना गया। इस चयन प्रक्रिया में कई अभ्यर्थियों और सामाजिक संगठनों द्वारा गड़बड़ी की शिकायतें की गईं।

सरकारी स्तर पर मिली गड़बड़ी की शिकायतों के बाद EOW और ACB ने संयुक्त रूप से जांच शरू की। जांच के दौरान उनके कब्जे में अनेकों डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय लेन-देन के प्रमाण, संदिग्ध मोबाइल डाटा और साक्षात्कार के दौरान किए गए बातचीत के रिकॉर्ड आए। 19 नवंबर 2025 को प्रमुख जिलों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, महासमुंद, गरियाबंद, अंबिकापुर और जगदलपुर में टीम ने एक साथ 19 स्थानों पर छापेमारी की।

इन छापेमारियों के दौरान वह दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। विशेष जांच के बाद, रायपुर के सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव और हेमंत कौशिक को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने अभ्यर्थियों से भारी रकम लेकर प्रशन पत्र लीक किए और परीक्षा से पहले उन्हें प्रशिक्षण व तैयारी भी कराई।

वीरेंद्र जाटव और हेमंत कौशिक अनुभवी अधिकारी हैं जो आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय और क्षेत्रीय उप आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि ये दोनों अपने निजी लाभ के लिए और वरिष्ठ अधिकारियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से अभ्यर्थियों से रिश्वत लेकर परीक्षाओं में गड़बड़ी कराते थे। उन्होंने अपने नेटवर्क का उपयोग कर प्रश्नपत्रों को मुख्य परीक्षा केंद्रों और संबंधित पटवारियों तक पहुंचाया।

यह मामला छत्तीसगढ़ प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रिया में पैठी गड़बड़ियों को उजागर करता है। अभी भी कई अन्य ब्यूरोक्रेट, कर्मचारी और अयोग्य व्यक्ति इस घोटाले में शामिल होने के शक के दायरे में हैं। जांच एजेंसी मोबाइल डेटा, कॉल लॉग, सोशल मीडिया और वित्तीय लेन-देन की पूरी पड़ताल कर रही है। भविष्य में और भी अधिकारी गिरफ्तार हो सकते हैं।

अभी ये दोनों आरोपी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में पेश किए जाएंगे, जहां उनकी वैधानिक प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके अलावा, जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी की जाएगी। अफसरों की गिरफ्तारी से यह मैसेज गया है कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घोटाले ने सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को हिला कर रख दिया है। अभ्यर्थी और सामाजिक संगठन इस बात पर नाराज हैं कि किस प्रकार कुछ भ्रष्ट अफसरों ने बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खलवाड़ किया। राजनीतिक दलों ने भी इस मामले को उठाया है और दोषियों को कानूनी दंड दिए जाने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ राजस्व निरीक्षक भर्ती घोटाला पेपर लीक मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। दो वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी ने राज्य में भर्ती प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है। इससे उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में इस तरह के घोटालों पर नकेल कसी जाएगी और युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिलेगा।

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!