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छत्तीसगढ़ में डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी, राजनांदगांव, खैरागढ़, कवर्धा और पंडरिया क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ

15 अगस्त विज्ञापन


नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। राजनांदगांव की वर्षों पुरानी मांग डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को आखिरकार बड़ी प्रशासनिक गति मिल गई है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित रेल भवन में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू की संयुक्त बैठक में परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के बाद रेल लाइन निर्माण को स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही वर्ष 2018 से लंबित यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब कागजों से निकलकर धरातल पर उतरने की दिशा में बढ़ गई है।

राजनीतिक बदलाव के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका

सांसद संतोष पांडे ने बताया कि डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन को वर्ष 2018 में मंजूरी मिली थी, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक कारणों और प्रदेश में राजनीतिक बदलाव के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को लेकर लगातार लोकसभा में उठाया गया और रेल मंत्रालय के समक्ष इसकी आवश्यकता बताई जाती रही।

प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद परियोजना की पुनरीक्षित लागत 6947 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बिलासपुर रेल जोन के माध्यम से रेलवे बोर्ड को भेजा गया था, जिस पर अब स्वीकृति मिल गई है।

सांसद के अनुसार नई रेल लाइन बनने से राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के खैरागढ़, छुईखदान, कवर्धा और पंडरिया क्षेत्र को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। साथ ही मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

2018 में मिली थी मंजूरी, लागत बढ़कर पहुंची 6947 करोड़

डोंगरगढ़-कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को वर्ष 2018 में लगभग 4821 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ स्वीकृति मिली थी। लंबे समय तक काम शुरू नहीं होने के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 6947 करोड़ रुपये हो गई। पुनरीक्षित लागत का प्रस्ताव बिलासपुर रेल जोन ने रेलवे बोर्ड को भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है।

चार विधानसभा क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नई रेल लाइन बनने से खैरागढ़, छुईखदान, कवर्धा और पंडरिया क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों के लोगों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होगा। साथ ही औद्योगिक, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर घटेगा दबाव

डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाइन को वैकल्पिक रेल संपर्क के रूप में देखा जा रहा है। इसके बनने से मुंबई-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम होगा, जिससे परिचालन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त हो सकेगा।

सांसद बोले- लगातार उठाते रहे मुद्दा

सांसद संतोष पांडे ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में कई बार इस परियोजना का मुद्दा उठाया और रेल मंत्रालय के समक्ष इसकी आवश्यकता रखी। उन्होंने परियोजना को स्वीकृति मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।



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