
छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों की राह पर चलते हुए सोने-चांदी की दुकानों में बुर्का, नकाब, मास्क, हेलमेट या घूंघट पहनकर प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नवापारा राजिम में हालिया लूटकांड के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में लिया गया यह फैसला व्यापारियों की सुरक्षा को मजबूत करेगा। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने स्पष्ट किया कि चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को दुकान में प्रवेश नहीं मिलेगा।
प्रदेश में ज्वेलरी दुकानों पर अपराध बढ़ रहे हैं, जहां अपराधी चेहरा ढककर आते हैं और सीसीटीवी फुटेज से पहचान मुश्किल हो जाती है। नवापारा राजिम लूटकांड ने सर्राफा कारोबारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया, जिसके बाद 13 जनवरी 2026 को आपात बैठक बुलाई गई। एसोसिएशन का कहना है कि यह कदम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए जरूरी है। बिहार में ऑल इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन ने पहले ही हिजाब-बुर्का पर रोक लगाई, जहां लूट के कई मामले नकाबपोश अपराधियों से जुड़े।
झारखंड में भी सोना-चांदी व्यवसाय समिति ने चेहरा दिखाने को अनिवार्य किया, जबकि राजस्थान और यूपी में हेलमेट-मास्क बैन आम है। छत्तीसगढ़ अब इन राज्यों की सूची में शामिल हो गया।
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने सभी दुकानदारों को निर्देश दिया कि प्रतिबंध का सख्त पालन हो। ग्राहकों से सहयोगपूर्वक चेहरा दिखाने का अनुरोध करें, लेकिन समझाने पर भी न माने तो प्रवेश न दें। दुकानों पर नोटिस बोर्ड लगाए जाएंगे: “मास्क, हेलमेट, बुर्का, नकाब पहनकर प्रवेश वर्जित।” यह फैसला पूरे प्रदेश की हजारों ज्वेलरी दुकानों पर लागू होगा।
एसोसिएशन ने सीसीटीवी, ग्रिल और चेन लॉक जैसे अन्य सुरक्षा उपायों पर भी जोर दिया।
ऑल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन ने हिजाब, बुर्का, नकाब और हेलमेट पर बैन लगाया। वहां लूट-चोरी के कई केस नकाबपोशों से जुड़े। झारखंड के रांची में जितेंद्र वर्मा ने समर्थन किया, कहते हुए कि सोने की कीमत वृद्धि से अपराध बढ़े हैं।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पहले से लागू यह नियम अपराध दर घटाने में सहायक साबित हुआ। छत्तीसगढ़ में भी यही अपेक्षा है।
रायपुर, बिलासपुर और अन्य शहरों के व्यापारियों ने फैसले का स्वागत किया। एक दुकानदार ने कहा, “अब ग्राहक चेहरा दिखाएंगे तो सुरक्षा बढ़ेगी।” कुछ ग्राहकों ने असुविधा जताई, लेकिन एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह सभी के हित में है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे, जहां दुकानों पर नोटिस दिखाए जा रहे। राजनीतिक दलों से कोई विरोध नहीं आया।
एसोसिएशन पुलिस से समन्वय बढ़ाने की योजना बना रहा। उल्लंघन पर दुकानदारों पर जुर्माना लगेगा। लंबे समय में यह अपराध रोकने में कारगर साबित होगा। ज्वेलरी कारोबार, जो करोड़ों का है, अब सुरक्षित माहौल में फलेगा।




