छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख रुपए की उठाईगिरी करने वाले गिरोह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं

15 अगस्त विज्ञापन

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में कार का शीशा तोड़कर 4.90 लाख रुपए की उठाईगिरी करने वाले गिरोह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। इस वारदात का मास्टर प्लान गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड ने मिलकर तैयार किया था।

कई दिनों तक कारोबारी की रेकी की गई और सही मौका मिलते ही कार का शीशा तोड़कर नकदी से भरा बैग लेकर आरोपी फरार हो गए। चोरी के बाद किसी ने बाइक की मरम्मत कराई, किसी ने नए कपड़े खरीदे, तो कुछ आरोपी कई दिनों तक पार्टी करते रहे।

आखिरकार एक फोन कॉल ने पूरे गैंग का भंडाफोड़ कर दिया और सभी आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। सोमवार को पुलिस ने गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है।

जानिए क्या था पूरा मामला

28 जुलाई को मुक्त नगर निवासी व्यापारी प्रमोद महेश्वरी अपनी मारुति स्विफ्ट कार में करीब 4.90 लाख रुपए लेकर निकले थे। उन्होंने पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम के सामने कार खड़ी की और दूसरे काम से चले गए।

कुछ देर बाद लौटने पर कार के आगे बाईं ओर का शीशा टूटा मिला और नकदी से भरा बैग गायब था। इसके बाद पुलगांव थाने में चोरी का मामला दर्ज किया गया। एसीसीयू और पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल और आसपास करीब 5 किलोमीटर के दायरे में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

जांच के दौरान पुलिस की नजर शोरूम के एक कर्मचारी पर गई, जो बाद में मुख्य आरोपी निकला। उसकी निशानदेही पर पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया गया।

गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड निकले मास्टरमाइंड

पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड भुवनेश्वर डहरिया और सपना राजपूत हैं। दोनों गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड हैं और पोटिया रोड स्थित उत्सव होंडा शोरूम में साथ काम करते थे। भुवनेश्वर शोरूम की डेमो कार चलाता था।

जबकि सपना वहीं कर्मचारी थी। गिरोह में भुवनेश्वर का मामा संतोष जोशी, संजय साहू और जितेंद्र कुमार भी शामिल थे। पुलिस जांच में सामने आया कि संजय साहू भी पूरी साजिश का अहम हिस्सा था।

कई दिनों तक की कारोबारी की रेकी

जांच में पता चला कि भुवनेश्वर कई दिनों से कारोबारी प्रमोद महेश्वरी की दिनचर्या पर नजर रख रहा था। उसे मालूम था कि प्रमोद महेश्वरी रोज सुबह नकदी से भरा बैग कार में लेकर आते हैं, शोरूम के सामने कार खड़ी करते हैं और कुछ देर के लिए बाहर चले जाते हैं।

इसी जानकारी के आधार पर पूरी साजिश रची गई। वारदात वाले दिन कारोबारी की कार पहुंचते ही भुवनेश्वर ने पहले अपनी डेमो कार हटाई। इसके बाद उसने सपना से एक्टिवा की चाबी ली और साथी संजय साहू के पास पहुंच गया। इसके बाद पूरी टीम सक्रिय हो गई।

पुलिस को गुमराह करने के लिए बदले तीन वाहन

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए तीन अलग-अलग दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया। पहले एक्टिवा से साथी के पास पहुंचे, फिर दो अलग-अलग पल्सर बाइक से घटनास्थल पहुंचे।

वारदात के बाद भी सभी आरोपी अलग-अलग रास्तों से निकले और बाद में एक जगह इकट्ठा हुए, ताकि सीसीटीवी फुटेज से उनकी गतिविधियों का आसानी से पता न चल सके। इसके बाद पत्थर से कार का शीशा तोड़कर कैश से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

पैसों से किसी ने बाइक बनवाई, किसी ने की पार्टी

सभी आरोपी अपने एक साथी के कमरे पर पहुंचे, जहां रकम का बंटवारा किया गया। पुलिस के अनुसार, भुवनेश्वर ने उसी दिन एटीएम के जरिए अपनी गर्लफ्रेंड सपना राजपूत के बैंक खाते में 1.04 लाख रुपए जमा कराए।

करीब 30 हजार रुपए पल्सर बाइक की मरम्मत और अन्य खर्चों में लगाए गए। बाकी रकम साथियों में बांट दी गई। किसी ने नए कपड़े खरीदे तो एक आरोपी कई दिनों तक दोस्तों के साथ शराब, बीयर और पार्टी करता रहा।

पुलिस जब तक आरोपियों तक पहुंची, तब तक चोरी की अधिकांश रकम खर्च हो चुकी थी। यही कारण रहा कि पुलिस केवल 1.57 लाख रुपए ही बरामद कर सकी।

एक कॉल ने मामा को भी पहुंचा दिया जेल

मामले में मोड़ तब आया, जब पुलिस जांच करते हुए भुवनेश्वर के मामा संतोष जोशी तक पहुंची। शुरुआत में उसने चोरी की रकम की जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसी दौरान पुलिस सपना राजपूत के घर पहुंची।

तभी संयोग से संतोष जोशी का सपना के मोबाइल पर फोन आया। पुलिस ने सपना से स्पीकर ऑन कर बातचीत कराई। फोन पर संतोष ने कहा कि भुवनेश्वर पुलिस के हाथ लग गया है, लेकिन यह मत बताना कि तुम्हारे खाते में जो 1 लाख रुपए आए हैं, वह उसी ने जमा किए हैं।

पुलिस ने पूरी बातचीत सुन ली। इसके बाद स्पष्ट हो गया कि संतोष जोशी को चोरी की रकम की जानकारी थी। पुलिस के मुताबिक उसने चोरी की रकम में से 10 हजार रुपए भी लिए थे और खर्च किए थे। इसके बाद उसे भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया।

3 लोगों ने रची थी पूरी साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरी वारदात की योजना भुवनेश्वर डहरिया, उसकी गर्लफ्रेंड सपना राजपूत और संजय साहू ने मिलकर बनाई थी। बाकी आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने और रकम ठिकाने लगाने में उनकी मदद की थी।

पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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