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छत्तीसगढ़ के 29 लाख बच्चों के लिए गुड न्यूज, पहली से आठवीं तक ‘सेंट्रल किचन’ से मिलेगा पौष्टिक भोजन

15 अगस्त विज्ञापन


सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए उन्हें गरम भोजन देने के लिए कार्ययोजना बनी है। इसके तहत अब राज …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 04:30:15 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 04:30:15 PM (IST)

स्कूलों में पहली से आठवीं तक ‘सेंट्रल किचन’ से पहुंचेगा पौष्टिक भोजन (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
  2. स्कूलों में पहली से आठवीं तक ‘सेंट्रल किचन’ से पहुंचेगा पौष्टिक भोजन
  3. स्व-सहायता समूहों के जरिये मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए उन्हें गरम भोजन देने के लिए कार्ययोजना बनी है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत अब राज्य के 29 लाख से अधिक बच्चों को ‘सेंट्रल किचन’ (केंद्रीयकृत रसोई) के माध्यम से तैयार गरम और पौष्टिक भोजन परोसा जाएगा। गुरुवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में योजना की राज्य स्तरीय मानिटरिंग सह संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव विकासशील ने कड़े निर्देश जारी किए कि राज्य की सभी शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से गुणवत्तापूर्ण गरम भोजन और पूरक पोषण प्रदान किया जाए। हालांकि अभी भी ज्यादातर जगहों पर गरम भोजन मिल रहा है पर कुछ स्कूलों में शिकायत मिल रही है कि भोजन पहुंचते तक वह ठंडा भी हो जाता है। शहरी क्षेत्रों में सेंट्रल किचन व्यवस्था पर रहेगा जोरमुख्य सचिव ने बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना की समीक्षा की।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि राज्य के शहरी और उनके आस-पास के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के लिए ‘सेंट्रल किचन’ व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। इस आधुनिक व्यवस्था से भोजन तैयार करने और उसकी आपूर्ति करने में स्वच्छता तथा गुणवत्ता का स्तर उत्कृष्ट बना रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों में योजना के सुचारू संचालन के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी ईंधन) की आपूर्ति और लगातार जमीनी मानिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्व-सहायता समूहों के जरिये मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

इस महत्वाकांक्षी योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा से जोड़ने की नई पहल की गई है। मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मध्याह्न भोजन तैयार करने वाले स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जी और मसालों की उन्नत खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इस समन्वय से दोहरा लाभ होगा, एक ओर जहां स्कूली बच्चों की थाली में ताजी व हरी सब्जियां परोसी जा सकेंगी। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिला समूहों की आमदनी में भी उल्लेखनीय इजाफा होगा।

यह भी पढ़ें- MP में नए सत्र का आगाज… मंगलवार से खुलेंगे सरकारी स्कूल, बच्चों को मिलेगा विशेष भोजन

बैठक में नीतिगत निर्णयों और अंतर्विभागीय समन्वय के लिए कई विभागों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे। इनमें स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डा. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की विशेष सचिव व संचालक नागरिक आपूर्ति निगम इफ्फत आरा शामिल हुईं।



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