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Chhattisgarh News: अमित शाह बोले- अगले DGP-IG सम्मेलन से पहले देश नक्सलवाद से पूरी तरह हो जाएगा मुक्त

15 अगस्त विज्ञापन


देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सबसे बड़े वार्षिक संवाद 60वें अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ आज आईआईएम नवा रायपुर में हो गया। तीन दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय सम्मेलन में सुरक्षा से जुड़े आठ विषयगत सत्र होंगे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह सत्रों में शामिल होकर सीधे देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारियों से संवाद करेंगे। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सभी आठ सत्रों में मौजूद रहेंगे।

सम्मेलन की शुरुआत दोपहर बाद प्रतिनिधियों और आमंत्रितों के औपचारिक स्वागत से हुई। इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह का आगमन हुआ, जिन्होंने राज्य और संघ शासित प्रदेशों की पुलिस, CAPF तथा अन्य केंद्रीय सुरक्षा संगठनों के प्रमुखों से मुलाकात की। उद्घाटन क्षणों में आईबी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वागत संबोधन दिया गया और उत्कृष्ट सेवा देने वाले अधिकारियों को पदक भी प्रदान किए गए।

गृहमंत्री ने अपने संबोधन में देश के तीन सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों को सम्मानित किया और दस अन्य चयनित थानों की सूची जारी की। उन्होंने उभरती आंतरिक चुनौतियों, तकनीकी सशक्तिकरण, और पुलिसिंग में नवाचार की आवश्यकता पर जोर दिया।

पहले दिन की कार्यवाही शाम तक कई महत्वपूर्ण सत्रों में आगे बढ़ी। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहले उप-विषय में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। दूसरे सत्र में आपदा प्रबंधन में पुलिस और नागरिक सुरक्षा की क्षमताओं को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।

रात के सत्र में केंद्रीय गृह सचिव ने देशभर से आए अधिकारियों के साथ खुले संवाद किए और फिर विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों ने अगले दिन की प्रस्तुतियों पर समूह-चर्चाएं कीं।

सम्मेलन में शामिल होने के लिए एनएसए अजीत डोभाल, रॉ प्रमुख, आईबी निदेशक तपन डेका, बीएसएफ डीजी दलजीत सिंह चौधरी, आईटीबीपी डीजी प्रवीण कुमार, जम्मू-कश्मीर के डीजी नलिन प्रभात, असम के डीजी हरमीत सिंह सहित देश के लगभग सभी प्रमुख सुरक्षा संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी नवा रायपुर पहुंच चुके हैं।

इसके साथ ही गृह मंत्रालय, राज्यों के गृह विभागों, CAPF, CPOs और इंटेलिजेंस के शीर्ष स्तर के अधिकारी लगातार आईआईएम परिसर पहुँच रहे हैं। सम्मेलन के आगामी दो दिनों में आतंकवाद-रोधी रणनीतियाँ, सीमा सुरक्षा, साइबर खतरों, अपराध नियंत्रण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, और ‘विकसित भारत’ के सुरक्षा ढांचे पर प्रमुख चर्चाएँ होंगी।



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