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Chhattisgarh Naan Scam: ब्यूटी पार्लर की आड़ में 1.60 करोड़ की कमाई, हाई कोर्ट ने याचिका की खारिज

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छत्तीसगढ़ में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) घोटाले के मामले में हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने घोटाले के आरोपी पूर्व मैनेजर शिवशंकर भट्ट की महिला मित्र और ब्यूटी पार्लर संचालिका मधुरिमा शुक्ला की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है।

By Dheeraj Belwal

Publish Date: Mon, 30 Jun 2025 10:08:14 PM (IST)

Updated Date: Mon, 30 Jun 2025 10:08:14 PM (IST)

हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।

HighLights

  1. नान घोटाले के मामले में हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया
  2. हाई कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान दिया हिसाब
  3. मैनेजर की महिला मित्र की ब्यूटी पार्लर से 1.60 करोड़ कमाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में 36 हजार करोड़ रुपये के नान घोटाले में फंसे नान के पूर्व मैनेजर शिवशंकर भट् की महिला मित्र भी एसीबी और ईओडब्ल्यू के घेरे में आ गई है। स्पेशल कोर्ट ने घोटाले में संलिप्तता को लेकर आरोप भी तय कर दिया है। स्पेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए घोटालेबाज मैनेजर की महिला मित्र मधुरिमा शर्मा ने हाई कोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सिंगल बेंच में हुई।

याचिकाकर्ता ने आरोपों को करार दिया था निराधार व तथ्यहीन

याचिकाकर्ता ने एसीबी व ईओडब्ल्यू द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार व तथ्यहीन करार दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता षड़यंत्रकारी की भूमिका में रही है। याचिकाकर्ता मधुरिमा शर्मा की घोटाले के लिए किए गए फर्जीवाड़े में संलिप्तता रही है। कोर्ट ने इस कड़ी टिप्पणी के साथ याचिका को खारिज कर दिया है। नागरिक आपूर्ति निगम में घोटाले की शिकायत पर एसीबी और ईडब्ल्यू ने नान के मुख्यालय समेत कई अधिकारियों के आवास पर छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान पूर्व मैनेजर शिवशंकर भट् के ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी।

ये भी पढ़ें- Cyber Crime: ठगी का जाल…पार्ट टाइम जॉब के नाम पर दंपत्ति से 10 लाख की ठगी, साइबर थाने में केस दर्ज

भट्ट ने 3.89 करोड़ की अवैध संपत्ति जुटाई

ईओडब्ल्यू के अनुसार जांच में सामने आया कि भट्ट ने 3.89 करोड़ की अवैध संपत्ति जुटाई थी, जो उसकी वास्तविक आय से कई गुना अधिक थी। ईओडब्ल्यू ने भट्ट की महिला मित्र मधुरिमा शुक्ला को सह अभियुक्त बनाया। आरोप लगाया कि मधुरिमा के पास 1.60 करोड़ की संपत्ति मिली है, जबकि उसकी आय मात्र 24 लाख रुपये थी। इस मामले में चार्जशीट पेश होने के बाद स्पेशल कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ई), 13(2) और आइपीसी की धारा 120-बी के तहत आरोप तय कर दिया है। स्पेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मधुरिमा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

कोर्ट ने कहा- षड्यंत्र में सक्रिय भूमिका के संकेत

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सिंगल बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों की पड़ताल से यह साफ है कि याचिकाकर्ता के पास 1.60 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली। जबकि उसकी कुल वैध आय सिर्फ 24.74 लाख थी। कोर्ट ने माना कि उसने शिवशंकर भट्ट की अवैध कमाई को अपने नाम से निवेश कर षड्यंत्र में सक्रिय भूमिका निभाई।



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