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Chhattisgarh Builders: छत्तीसगढ़ के लगभग 600 बिल्डर्स को नोटिस, रहवासियों के अधिकारों को लेकर RERA का बड़ा कदम | Rera Notices To 600 Builders In Chhattisgarh

15 अगस्त विज्ञापन


Chhattisgarh Builders: छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने प्रदेशभर के करीब 600 बिल्डरों और कॉलोनाइजरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं पूरी होने के बाद भी स्थानीय रहवासियों और आबंटितियों की समिति को प्रबंधन हस्तांतरित नहीं करने पर रेरा ने 595 बिल्डरों को नोटिस जारी किया है। इन बिल्डरों में रायपुर के अविनाश ग्रुप, वालफोर्ट, सिंघानिया बिल्डकॉन समेत कई बड़े और चर्चित बिल्डर शामिल हैं। रेरा ने निजी बिल्डरों के साथ-साथ हाउसिंग बोर्ड और नगर निगम को भी नोटिस भेजा है।

Chhattisgarh Builders: 989 परियोजनाएं रेरा के रडार पर

रेरा के अनुसार रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा समेत प्रदेश के कई जिलों की कुल 989 आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को नोटिस जारी किया गया है। ये वे परियोजनाएं हैं, जिन्हें नगर निगम से पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) मिल चुका है, लेकिन अब तक कॉलोनी या प्रोजेक्ट का प्रबंधन आबंटितियों की समिति या संघ को नहीं सौंपा गया।

क्या कहते हैं रेरा के नियम?

रेरा अधिनियम के तहत किसी भी आवासीय या व्यावसायिक परियोजना के पूर्ण होने के बाद बिल्डर को सामान्य क्षेत्र, सुविधाएं और प्रबंधन का हस्तांतरण रहवासियों की समिति अथवा संघ को करना अनिवार्य होता है। इसके लिए नगर निगम से पूर्णता प्रमाण पत्र लेना जरूरी है। इसके बाद कॉलोनी या अपार्टमेंट का रखरखाव और प्रबंधन संबंधित समिति को सौंपा जाना चाहिए। लेकिन कई बिल्डर नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ बड़े बिल्डर अब भी स्वयं रखरखाव शुल्क (मेंटेनेंस चार्ज) वसूल रहे हैं।

समिति गठन नहीं कराने का भी आरोप

रेरा ने कहा कि कई मामलों में परियोजना पूरी होने के बाद भी प्रवर्तकों ने आबंटितियों की समिति या संघ का गठन सुनिश्चित नहीं किया। साथ ही सामान्य क्षेत्रों, सुविधाओं और जरूरी अभिलेखों का विधिवत हस्तांतरण भी नहीं किया गया। यह कार्रवाई भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 11(4)(ई) और धारा 17 के तहत की गई है।

कई बड़े बिल्डर शामिल

जिन प्रमुख बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें श्री बिल्डकॉन, श्रीकृष्णा वाटिका महादेव घाट, सुमीत इंफ्रा रायपुर, श्री विश्व भारती रायपुर, पारस बिल्डकॉन, संसार बिल्डकॉन, संकल्प बिल्डकॉन, साईंनाथ बिल्डकॉन, नीलम होम्स, दीपक रहेजा सहित रायपुर, भिलाई-दुर्ग और अन्य शहरों के कई बड़े बिल्डर शामिल हैं।

Chhattisgarh Builders: आबंटितियों की भी जिम्मेदारी तय

रेरा ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिनियम के तहत केवल बिल्डरों की ही नहीं, बल्कि आबंटितियों की भी जिम्मेदारियां तय की गई हैं। धारा 19(9) के अनुसार प्रत्येक आबंटी का दायित्व है कि वह आबंटितियों की समिति, संघ अथवा सहकारी समिति के गठन में सक्रिय सहयोग करे।

15 दिन में मांगा जवाब

रेरा ने संबंधित बिल्डरों और कॉलोनाइजरों को 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यदि तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया गया या संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो उनके खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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