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CG: किरणदेव बोले- व्यर्थ नहीं जाएगा जवानों का बलिदान, बैज का जवाब- बस्तर में खतरा बरकरार, सरकार के दावे फेल

15 अगस्त विज्ञापन


kanker IED blast: छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में डी-माइनिंग और सर्च ऑपरेशन के दौरान शनिवार को हुए दुर्भाग्यपूर्ण आईईडी विस्फोट में बलिदान को प्राप्त हुए डीआरजी के चार जाबाज जवानों इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले और कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा यह घटना बहुत दुखद है। ईश्वर शहीद जवानों की आत्मा को शांति दे। उनके परिजनों को इस असीम दुख को सहने की शक्ति दे। इस दुखद घटना में जो जवान घायल हुए हैं उनका समुचित इलाज हो, ईश्वर उन्हें शीघ्र स्वस्थ करे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि बस्तर की शांति और सुरक्षा के लिए हमारे जवानों का यह सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए जनता की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर की है। ईश्वर से वीर शहीदों की पुण्य आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा कि माओवादियों के सुरक्षा बलों और निर्दोष ग्रामीणों को नुकसान पहुँचाने के इरादे से बिछाए गए आईईडी को हमारे सतर्क जवान लगातार बरामद कर निष्क्रिय कर रहे हैं। हाल के महीनों में सैकड़ों आईईडी बरामद कर बड़ी घटनाओं को टाला गया है, लेकिन आज की यह आकस्मिक दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। राज्य सरकार और संगठन पूरी तरह से बलिदान जवानों के परिवारों के साथ खड़ा है।

बस्तर संभाग में खतरा बरकरार, सरकार के हवाई दावे फेल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस घटना से साफ हो रहा कि खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। नक्सलवाद एक ऐसा दंश है जिसे छत्तीसगढ़ विशेषतौर पर बस्तर के लोग लंबे समय से झेल रहे हैं। सरकार केवल हवाई दावे करके अपने कर्तव्य से मुंह न मोड़े। सरकार यह भी सुनिश्चित करे कि अब वहां पर कोई और मौत नहीं हो।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक ने कहा कि पूरे बस्तर में खतरनाक आईईडी प्रेशर बम जैसे न जाने कितनी घातक बारूदी, सुरंगों का जखीरा दबा होगा, उसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। सरकार इनसे छुटकारा के लिए विशेष अभियान चलाये, यह सुरंगे न सिर्फ सुरक्षा बलों, आम आदिवासी के लिए भी घातक है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति बहाली और सुरक्षित वातावरण तैयार करने की ठोस कार्य योजना बनाई जाए और बस्तर के जनजीवन को पटरी पर लाने के सभी सार्थक प्रयास होने चाहिए।

 



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