Uncategorized

CG के जंगलों में दिखा दुर्लभ हनी बैजर, जोड़े में अठखेलियां करते वीडियो वायरल

15 अगस्त विज्ञापन


छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक बार फिर दुर्लभ वन्यजीव हनी बैजर (रैटल) की मौजूदगी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि इस बार यह प्रजाति जोड़े …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 29 Jan 2026 04:20:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 29 Jan 2026 04:20:37 AM (IST)

मरवाही वनमंडल के उसाड़ गांव में दुर्लभ हनी बैजर जोड़े में नजर आया।

HighLights

  1. मरवाही जंगल में दुर्लभ हनी बैजर की मौजूदगी
  2. उसाड़ गांव में जोड़े के रूप में नजर
  3. आया ग्रामीणों ने मोबाइल में बनाया वीडियो

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक दुर्लभ वन्यजीव हनी बैजर (रैटल) नजर आने से वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों में उत्सुकता का माहौल है। कुछ वर्ष पहले भी इस प्रजाति को यहां देखा गया था, लेकिन इस बार यह जोड़े में दिखाई दिया, जो अपने आप में खास माना जा रहा है।

उसाड़ गांव में देखा गया हनी बैजर

यह दुर्लभ दृश्य मरवाही रेंज के उसाड़ गांव क्षेत्र में देखने को मिला, जहां ग्रामीणों ने हनी बैजर को प्रत्यक्ष देखा और उसका वीडियो भी बनाया। वीडियो में दोनों हनी बैजर शांत लेकिन सतर्क नजर आ रहे हैं। देखते ही देखते यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया।

सूचना मिलते ही वन विभाग अलर्ट

ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद वन विभाग तुरंत सतर्क हो गया। विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और आसपास के जंगलों में गश्त तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हनी बैजर को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

ग्रामीणों से की गई अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हनी बैजर के नजदीक न जाएं और न ही किसी प्रकार की छेड़छाड़ करें। यह कोई सामान्य जानवर नहीं, बल्कि अत्यंत दुर्लभ वन्यजीव प्रजाति है, जिसका संरक्षण जरूरी है।

बाइक सवार को देख झाड़ियों में छिपा

ग्रामीणों के अनुसार, एक बाइक सवार ने जब हनी बैजर को देखा तो वह वीडियो बनाने लगा। जैसे-जैसे वह नजदीक पहुंचने की कोशिश करता गया, हनी बैजर झाड़ियों में छिप गए। बाद में वन अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

हनी बैजर की खासियत

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार हनी बैजर भारत में बहुत ही सीमित क्षेत्रों में पाया जाता है और इसे दुर्लभ प्रजातियों में गिना जाता है। यह अपनी असाधारण बहादुरी, आक्रामक स्वभाव और मजबूत त्वचा के लिए जाना जाता है। मधुमक्खियों के छत्तों से शहद निकालकर खाने की आदत के कारण इसे हनी बैजर कहा जाता है।

रात्रिचर और सतर्क वन्यजीव

हनी बैजर मुख्य रूप से रात्रिचर होता है और घने जंगलों, झाड़ियों तथा खुले इलाकों में विचरण करता है। इसकी मौजूदगी मरवाही के जंगलों की जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।



Source link

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!