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Ceasefire: यूएस-ईरान युद्धविराम के पीछे PAK नहीं असली खिलाड़ी चीन निकला, ट्रंप ने भी हिचकिचा कर मान ही लिया

15 अगस्त विज्ञापन


एक विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अचानक दो सप्ताह के युद्धविराम में बदल गया। एक ओर अमेरिका ने इस समझौते का श्रेय पाकिस्तान को दिया। 

वहीं, एपी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ केवल बिचौलिये की भूमिका निभाई है। ईरान को युद्धविराम के लिए मनाने में चीन ही असली खिलाड़ी बनकर उभरा है। ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन ने तेहरान को अमेरिका के साथ युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। 

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद किया खुलासा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी आखिरकार मान ही लिया कि चीन ने ही तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने में मदद की थी। एएफपी ने बातचीत में जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा कि क्या तेहरान को युद्धविराम पर बातचीत करने के लिए राजी करने में चीन की भूमिका थी, तो उन्होंने समाचार एजेंसी से कहा, “मुझे हां सुनाई दिया।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर समझौता नहीं हुआ तो एक पूरी सभ्यता आज रात मर जाएगी। हालांकि, हमलों की डेडलाइन खत्म होने से महज 90 मिनट पहले ट्रंप ने अपने फैसले पर पलटी मारकर युद्धविराम का एलान कर दिया। 

पर्दे के पीछे का असली खिलाड़ी

एक महीने तक चले इस युद्ध के दौरान चीन खुलकर ईरान के समर्थन में उतरा। हालांकि, चीन की ओर से इस मामले पर बयानबाजी से ज्यादा कूटनीतिक रणनीति पर मेहनत की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, जिस पाकिस्तान को युद्धविराम का श्रेय दे रहे हैं, उसने खुद इस महीने की शुरुआत में चीन से समर्थन मांगने के लिए संपर्क किया था।

दिखाई वीटो पावर की ताकत

एपी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि चीन ने ही पाकिस्तान, तुर्किए और मिस्र जैसे मध्यस्थों के साथ मिलकर ईरान युद्ध को खत्म करने की रणनीति बनाई। इतना ही नहीं, युद्धविराम की घोषणा से कुछ घंटे पहले चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए बल प्रयोग को अधिकृत करने के प्रस्ताव को वीटो कर दिया। 

चीन की ओर से युद्धविराम में अपनी भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ को लेकर अपनी ही पीठ थपथपाने में जुटे हैं।

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पाकिस्तान की भूमिका पर सवालिया निशान

पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के एक पोस्ट पर भी सवाल खड़े होने से युद्धविराम में उनकी भूमिका पर संशय बन गया है। इस पोस्ट में उन्होंने ट्रंप से सैन्य कार्रवाई की समय सीमा को दो सप्ताह के लिए टालने का अनुरोध किया था। इस ट्वीट की शुरुआती लाइनों में “ड्राफ्ट – पाकिस्तान के पीएम का एक्स पर संदेश” लिखा हुआ था। इससे शक गहराया कि यह संदेश किसी बाहरी देश द्वारा लिखा गया हो सकता है।

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