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बरसात में भी खुले में पड़ा लाखों क्विंटल धान: बलरामपुर में उठाव की रफ्तार बेहद धीमी, कीचड़ में फंस रहे ट्रक, अंकुरित हो रहा अनाज – Balrampur (Ramanujganj) News

15 अगस्त विज्ञापन


बलरामपुर के गम्हरिया संग्रहण केंद्र में धान के सड़ने का खतरा

बलरामपुर-रामानुजगंज के गम्हरिया संग्रहण केंद्र में इस बरसात के मौसम में भी 1 लाख 10 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। धान का उठाव बेहद धीमी गति से हो रहा है, जिससे इसे पूरी तरह हटाने में कई महीने लग सकते हैं। इस दौरान लगातार हो रही बार

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अब तक सिर्फ 50% धान का हुआ उठाव

गम्हरिया केंद्र में इस साल 2.25 लाख क्विंटल धान का संग्रहण किया गया था। लेकिन अब तक केवल आधे यानी करीब 50% धान का ही उठाव हो सका है। फिलहाल 90 स्टैक खुले में रखे गए हैं, जिनमें 1.10 लाख क्विंटल धान अब भी पड़ा है। हर बार भारी बारिश के साथ तेज हवा चलने पर तिरपाल फट जाती है, जिससे धान को लगातार नुकसान हो रहा है।

धान अंकुरित होने लगे, उठाव में ट्रकों को हो रही दिक्कत

कुछ स्टैकों में रखा धान अंकुरित भी हो चुका है, जिससे इसकी गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। वहीं बारिश के चलते केंद्र के परिसर में कीचड़ फैल गया है, जिससे ट्रकों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है। कई ट्रक कीचड़ में फँस जाते हैं, जिन्हें JCB मशीन की मदद से बाहर निकाला जा रहा है।

समय पर नहीं हुआ उठाव, अब बिगड़ रहा धान

जानकारों का कहना है कि धान का उठाव बरसात से पहले पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते अब यह कार्य बरसात के बीच भी अधूरा है। लगातार पानी पड़ने और स्टैक खुले में होने के कारण धान अंकुरित और खराब होने का खतरा बढ़ गया है।



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