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बिलासपुर में ACB की बड़ी कार्रवाई… एडीएम ऑफिस का बाबू 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

15 अगस्त विज्ञापन


माह अगस्त 2025 में उसके होटल की जांच के दौरान खाद्य पदार्थ पेड़ा खुली स्थिति में मिलने पर फूड सेफ्टी ऑफिसर द्वारा उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 10 May 2026 05:59:27 PM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 05:59:27 PM (IST)

आरोपित बाबू विजय पांडेय

HighLights

  1. एडीएम ऑफिस के बाबू को 15,000 की रिश्वत लेते एसीबी ने दबोचा
  2. 1 लाख के जुर्माने को 30 हजार करने के बदले मांगे थे 20,000 रुपए
  3. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। करगी रोड कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप द्वारा एसीबी कार्यालय बिलासपुर में इस आशय की शिकायत की गई थी कि वह कोटा में होटल का संचालन करता है। माह अगस्त 2025 में उसके होटल की जांच के दौरान खाद्य पदार्थ पेड़ा खुली स्थिति में मिलने पर फूड सेफ्टी ऑफिसर द्वारा उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के यहां लंबित था। उक्त कार्यालय के बाबू विजय पांडेय द्वारा उससे जुर्माना राशि 1 लाख रुपए तक होने की बात कहकर, जुर्माना राशि को 30,000 रुपए तक करने के एवज में उससे 20,000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। लेकिन वह बाबू विजय पांडेय को 20,000 रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता, बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है।

शिकायत का सत्यापन और ट्रैप की योजना

शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाई गई। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा प्रार्थी से 5,000 रुपए ले लिए गए थे तथा शेष 15,000 रुपए दिया जाना शेष था, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई। आज दिनांक 10.05.2026 को आरोपी द्वारा प्रार्थी को 15,000 रुपए रिश्वत लेने हेतु अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी बिलासपुर के कार्यालय में बुलाए जाने पर, उक्त कार्यालय में प्रार्थी से 15,000 रुपए रिश्वत रकम लिए जाने पर आरोपी विजय पांडेय (सहायक ग्रेड-3) को एसीबी बिलासपुर की टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ लिया गया तथा रिश्वत रकम बरामद कर ली गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही

पकड़े गए आरोपी के विरुद्ध लगातार रिश्वतखोरी किए जाने की जानकारी मुखबिर सूत्रों से भी एसीबी को प्राप्त हो रही थी। आरोपी के विरुद्ध धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत एसीबी द्वारा कार्यवाही की जा रही है। गौरतलब है कि एसीबी के द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों/कर्मचारियों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है, इसी अनुक्रम में उक्त कार्यवाही की गई। एसीबी द्वारा किसी भी विभाग के लोकसेवक द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने पर तत्काल सूचना देने हेतु अपील की गई है।

यह भी पढ़ें- MP IPS Transfer List: एमपी के ग्वालियर DIG समेत तीन अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट



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