भूपेश बघेल ने सीएम विष्णुदेव साय को डिबेट के लिए चैलेंज किया, बोले- बैठ जाएं, डिबेट कर लेते हैं


छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को डिबेट के लिए चैलेंज किया है। अंबिकापुर में आयोजित कांग्रेस प्रशिक्षण में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने 9 खदानों को नीलामी से बाहर रखने का प्रस्ताव भेजा था। केंद्र सरकार ने 40 खदानों को डि-लिस्ट किया था। इनमें से तारा कोल ब्लॉक की नीलामी कर दी गई।
भूपेश बघेल ने कहा कि तारा कोल माइंस दिया गया है। विधानसभा से प्रस्ताव पारित किया गया कि हसदेव क्षेत्र में और खदानों में खनन नहीं किया जाएगा। भारत सरकार से 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने हमने पत्र लिखा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि कोल मिनिस्टर जोशी छत्तीसगढ़ आए तो मेरी मुलाकात हुई। हमने आग्रह किया कि यहां घना जंगल है, यहां से कोयला नहीं निकाला जाना चाहिए। यह हसदेव का कैचमेंट एरिया है। हमारा सिंचाई, थर्मल पावर भी प्रभावित होगा। आदिवासी हटाए जाएंगे।
भूपेश बघेल ने कहा कि भारत सरकार ने खुद 40 खदानों को डि-नोटिफाइड किया। अब सवाल यह है कि विष्णुदेव साय ने दिसंबर 2025 में भारत सरकार को किसके स्वार्थ में, किस दबाव में पत्र लिखकर कहा कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी किया जाए।
कांग्रेस शासनकाल में हसदेव की खदानें आबंटित किए जाने के भाजपा के आरोपों पर भूपेश बघेल ने कहा कि विष्णुदेव साय बैठ जाएं, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री डिबेट कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चैलेंज कर रहे हैं कि वे डिबेट में आएं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने कांग्रेस के प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ में जल-जंगल-जमीन को बचाने के लिए बड़ा आंदोलन करेंगे। वे बस्तर भी आएंगे और सरगुजा भी आएंगे। बैज ने कहा कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ में जल-जंगल-जमीन को बचाने के लिए बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे और वे सरगुजा आकर आंदोलन शुरू करेंगे।
दीपक बैज ने कहा कि विधानसभा से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था कि तारा कोल ब्लॉक आबंटित नहीं किया जाएगा तो यह कैसे नीलाम हुआ। उन्होंने कहा कि तारा कोल ब्लॉक के जंगलों को बचाया जाएगा। कांग्रेस इसके लिए बड़ा आंदोलन करेगी।




