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भ्रष्टाचार: महासमुंद के बाद नारायणपुर महिला कॉलेज में PM-USHA Fund से बिना टेंडर के खरीदी, प्राचार्य समेत पांच निलंबित

15 अगस्त विज्ञापन


नारायणपुर जिला के महिला कॉलेज में बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए पीएम-उषा फंड से करोड़ों रुपये की खरीदी की गई है। भ्रष्टाचार के इस मामले में प्राचार्य और …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 13 Jan 2026 07:31:52 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Jan 2026 07:44:56 AM (IST)

PM-USHA Fund से बिना टेंडर के खरीदी (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. नारायणपुर में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने की कार्रवाई
  2. बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी की गई
  3. मामले में प्राचार्य और सहायक प्राध्यापकों समेत पांच निलंबित

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: उच्च शिक्षा विभाग ने पीएम-उषा मद में वित्तीय अनियमितताओं और खरीदी नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले अधिकारियों पर उच्च शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। महासमुंद के बाद नारायणपुर जिले के कॉलेज में बिना निविदा (टेंडर) प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी करने के मामले में प्राचार्य और सहायक प्राध्यापकों समेत पांच को निलंबित कर दिया गया है।

नारायणपुर के नवीन वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र कुमार पटेल, सहायक प्राध्यापक भूषण जय गोयल, किशोर कुमार कोठारी, हरीश चंद बैद और नोहर राम को निलंबित किया गया है। विभाग इनके विरुद्ध अलग से विभागीय जांच भी शुरू करने जा रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।

इसके पहले महासमुंद के शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट में यहां के प्राचार्य डॉ. एसएस तिवारी को पीएम-उषा और रूसा मद से आवंटित करीब 1.06 करोड़ रुपये की खरीदी में गड़बड़ी के मामले में निलंबित किया गया था। इसके साथ ही क्रय समिति के अन्य सदस्यों में शासकीय कॉलेज पिथौरा के चार सहायक प्राध्यापकों में डॉ. सीमा अग्रवाल, डॉ. बृहस्पत सिंह विशाल, पीठी सिंह ठाकुर और डॉ. एसएस दीवान को निलंबित किया गया था। गड़बड़ी में इनकी भी संलिप्तता पाई गई थी।

निलंबन की अवधि में इन सभी का मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय, रायपुर रखा गया है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

यहां इस तरह हुई गड़बड़ी

  • अटल बिहारी वाजपेयी विवि, बिलासपुर: 15 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में एक करोड़ रुपये के 26 क्रय आदेश जारी किए गए।
  • शासकीय आदर्श महाविद्यालय, महासमुंद: 22 अक्टूबर 2025 को एक करोड़ रुपये के 36 आदेश जारी किए।
  • महिला महाविद्यालय, नारायणपुर: 14 अक्टूबर 2025 को 35 लाख रुपये के 22 आदेश बिना टेंडर जारी किए गए।

यह भी पढ़ें- CG में धान न बिकने से परेशान आदिवासी किसान ने खाया जहर, एक महीने से टोकन के लिए भटक रहा था… प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

जांच समिति की रिपोर्ट के बाद बड़ी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने 28 नवंबर 2025 को अपर संचालक की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद विभाग के आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी कर दिए। निलंबित अधिकारियों में महासमुंद और नारायणपुर के प्राचार्य सहित क्रय समिति के सदस्य और सहायक प्राध्यापक शामिल हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जा रही है। शासकीय खरीदी में पारदर्शिता अनिवार्य है। भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

-टंकराम वर्मा, मंत्री , उच्च शिक्षा विभाग



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