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बढ़ गया संपत्तिकर, शहरी क्षेत्र में तीन गुना तक बढ़ेगा कर का बोझ

15 अगस्त विज्ञापन


नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। नगर निगम में नगरीय प्रशासन ने कलेक्टर दर के आधार पर संपत्तिकर तय कर दिया है। यह दरें एक अप्रैल से लागू हो गई है। इसके लिए निगम क्षेत्र में शामिल 40 हजार संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसके बाद भौतिक सत्यापन भी होगा।

इन सारी प्रक्रिया के बाद संपत्तिकर का पुनर्निधारण किया जाएगा। दरों में बदलाव का सबसे अधिक असर शहरी क्षेत्र में होगा जहां संपत्ति कर दो से तीन गुना बढ़ गया है।

भौतिक सत्यापन किया जाएगा

अब नए कर निर्धारण के लिए निगम पहले करदाताओं से स्वविवरणी लेगा। इस जानकारी के आधार पर ही भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जिसके बाद नए कर का निर्धारण होगा। दरअसल बीते एक दशक से अधिक समय से निकायों में कर का पुनर्निधारण नहीं किया जा रहा था।

निकायों में कर बढ़ाने के निर्णय को जनता पर बोझ डालने के तौर पर देखा जाता है, जिसके चलते पूर्व में महापौरों ने इससे किनारे किए रखा।

बाजार मूल्य पर कर निर्धारित

इसके अलावा राज्य के अलग-अलग निकायों में अलग-अलग कर की प्रचलित दरों को लेकर भी असहज स्थिति बनती थी। इन सबसे निपटने और निकायों की स्थिति सुधारने को लेकर अंतत: नगरीय प्रशासन विभाग ने बाजार मूल्य पर कर निर्धारित कर दिए।

शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा अंतर

वार्ड 15 बलराम दास वार्ड, वार्ड 24 शीतला माता वार्ड, वार्ड 25 सूर्युमखी देवी वार्ड में करों में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। यहां अब तक क्रमश: 26 और 29 रुपये वर्ग फीट अधिकतम संपत्तिकर निर्धारित था जो कि अब 65 रुपये हो गया है। जबकि ग्रामीण वार्ड मोतीपुर, रामनगर, स्टेशनपारा, महारानी लक्ष्मीबाई वार्ड, गौरीनगर, संजय नगर, कन्हारपुरी में कर घटाए गए गए हैं। कुछ पांच से छह रुपये की बढ़त हुई है।

फिलहाल वसूली पर फोकस

निकायों में कम राजस्व वसूली की समस्या को देखते हुए इस बार वित्तीय सत्र 2025-26 को एक माह आगे बढ़ा दिया गया है। अब 30 अप्रैल तक बकाया राजस्व की वसूली पर फोकस किया जा रहा है। 31 मार्च तक अमला सिर्फ 78 प्रतिशत ही राजस्व वसूल पाया था। सत्र आगे बढ़ाए जाने के बाद निगम कड़ाई से वसूली अभियान चला रहा है।

कर से बढ़ेगी निकाय की आय

कलेक्टर दर (बाजार मूल्य) के आधार पर कर निर्धारण से निगम की आय बढ़ेगी। इसमें 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने का शुरुआती अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि इसकी वास्तविक बढ़ोतरी भौतिक सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी। इससे निगम को आर्थिक संकट से उबरने में थोड़ी मदद मिल सकती है।

यह भी पढ़ें- 2,000 करोड़ के बकाया बिजली बिल पर छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के बीच तकरार

प्रमुख जानकारियां

  • 51 वार्ड हैं नगर निगम सीमा क्षेत्र में।
  • 40 हजार संपत्तियों से होती है कर वसूली।
  • 5 करोड़ दो लाख रुपये संपत्ति कर वसूलने का लक्ष्य रखा गया था।
  • 4 करोड़ दो लाख रुपये वसूले गए हैं वित्तीय सत्र 2025-26 में।
  • 80.12% संपत्तिकर वसूली हो सकी मार्च अंत तक।

एक अप्रैल से कलेक्टर दर के आधार पर नए संपत्तिकर का निर्धारण किया गया है। करदाताओं से स्वविवरणी लेकर इसका भौतिक सत्यापन किया जाएगा जिसके बाद नए निर्धारित कर के तहत ही डिमांड तैयार कर वसूली की जाएगी।

-राजेश तिवारी, राजस्व अधिकारी, नगर निगम



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