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अपराधियों की नींद हराम: रायगढ़ SSP ने चुने टॉप 3 ‘सुपरकॉप’ थाने

अपराधियों की नींद हराम: रायगढ़ SSP ने चुने टॉप 3 'सुपरकॉप' थाने

15 अगस्त विज्ञापन

गौरीशंकर गुप्ता/रायगढ़ :  रायगढ़ जिले में कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने कड़ा रुख अपना लिया है। 28 फरवरी 2026 को फरवरी माह की अपराध समीक्षा बैठक के बाद थानों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें जूटमिल, कोतवाली और लैलूंगा थाने ने शानदार प्रदर्शन कर टॉप-3 में जगह बनाई। SSP ने खराब प्रदर्शन वाले थानों को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

SSP शशि मोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की, जिसमें फरवरी में दर्ज अपराधों, गिरफ्तारियों, खुलासा दर और जन शिकायत निस्तारण पर फोकस रहा। जूटमिल थाने ने चोरी-उचक्का जैसे सड़क अपराधों में 95% खुलासा दर हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। कोतवाली थाने ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों में त्वरित कार्रवाई कर दूसरा स्थान पाया, जबकि लैलूंगा ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बनाए रखने में उत्कृष्ट काम किया। SSP ने इन थानों को “सुपरकॉप” की उपाधि देते हुए सम्मानित करने का ऐलान किया।

बैठक में SSP ने साफ कहा, “अपराधी अब रायगढ़ में सांस नहीं ले पाएंगे। टॉप थानों का प्रदर्शन पूरे जिले के लिए मिसाल है।” उन्होंने बाकी थानों को निर्देश दिए कि वे इनसे सीख लें और अपराध दर घटाने के लिए विशेष अभियान चलाएं। फरवरी में जिले में कुल अपराध 15% कम हुए, जो पुलिस की मेहनत का नतीजा है।

टॉप थानों की खासियतें

  • जूटमिल थाना: शहर के व्यस्त इलाके में चोरी की 25 घटनाओं का 100% खुलासा। सीसीटीवी नेटवर्क और मुखबिर तंत्र को मजबूत किया।

  • कोतवाली थाना: दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ के 18 मामलों में तुरंत एफआईआर और गिरफ्तारी। महिला हेल्पडेस्क ने शिकायतों का 90% निपटारा किया।

  • लैलूंगा थाना: ग्रामीण क्षेत्र में वाहन चोरी और मारपीट के मामलों में 85% सफलता। नक्सल गतिविधियों पर नजर रखते हुए शांति सुनिश्चित की।

इन थानों के प्रभारियों को SSP ने प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार देने का वादा किया। खराब प्रदर्शन वाले थानों के प्रभारियों को अगले 15 दिनों में सुधार की अंतिम चेतावनी दी गई।

SSP सिंह ने जिले में क्राइम मैपिंग, ड्रोन सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “अपराधियों की नींद हराम करने के लिए रात-दिन चौकसी जरूरी है।” विशेष टीमों से साइबर क्राइम, नशा तस्करी और गैंगस्टरों पर निशाना साधने को कहा। जिले की कानून व्यवस्था पहले से बेहतर है, लेकिन शून्य अपराध का लक्ष्य हासिल करना है।

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