
अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर शहर में रात एक युवती के अपहरण की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। कोरिया जिले की रहने वाली यह युवती गांधीनगर क्षेत्र में किराए के मकान में रहती है और स्थानीय एक नामी फर्नीचर शोरूम में नौकरी करती है। 15 जनवरी की रात दुकान बंद कर पैदल घर लौटते समय सुनसान रास्ते में सफेद रंग की कार सवार चार युवकों ने उसे जबरन खींच लिया और फरार हो गए। लेकिन सरगुजा पुलिस की फुर्ती से सभी आरोपी धर दबोचे गए और युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
घटना की पूरी कथा बेहद डरावनी है। पीड़ित युवती, जिसकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है, रोजाना की तरह शाम करीब 9 बजे फर्नीचर शोरूम से निकली। गांधीनगर थाना क्षेत्र के एक अंधेरे मोड़ पर सफेद इंडिका कार अचानक उसके पास रुकी। कार के अंदर बैठे चार नौजवान चिल्लाते हुए बाहर निकले और युवती को जोर-जबरदस्ती से खींचकर कार में ठूंस दिया। युवती की चीखें सुनकर आसपास के कुछ लोग दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी गाड़ी भगा चुके थे। पूरा हादसा इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पर कॉल किया और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस को जैसे ही खबर लगी, अंबिकापुर एसपी अभिषेक मीणा ने तत्काल विशेष टीम गठित कर दी। सीसीटीवी फुटेज से कार का नंबर ट्रेस किया गया, जो मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का था। सूत्रों के अनुसार, आरोपी मनेन्द्रगढ़ की ओर नेशनल हाइवे-43 पर भाग रहे थे। सरगुजा पुलिस ने मनेन्द्रगढ़ पुलिस को अलर्ट किया। दोनों थानों की संयुक्त टीम ने हाइवे पर नाकाबंदी की और संदिग्ध सफेद कार को रोक लिया। गाड़ी की तलाशी में युवती बंधी हुई मिली, जिसे तुरंत मुक्त कराया गया। चारों आरोपी—सभी मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के निवासी—हिरासत में ले लिए गए। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने अपहरण का इरादा कबूल किया, लेकिन पूरा मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस को शक है कि यह मानव तस्करी या अन्य आपराधिक साजिश का हिस्सा हो सकता है।
शुक्रवार सुबह अंबिकापुर पुलिस लाइन में आरोपी परेड किए गए। गांधीनगर थाने में अपहरण, मारपीट और पॉस्को एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। एसपी ने बताया कि आरोपी स्थानीय स्तर पर बदनामी का शिकार थे और युवती को निशाना बनाया। फर्नीचर शोरूम मालिक ने भी बताया कि युवती पिछले छह माह से नौकरी कर रही थी और कभी किसी विवाद में नहीं पड़ी। युवती को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है और वह अब सुरक्षित है। उसके परिवार को सूचित कर दिया गया।
यह घटना अंबिकापुर में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। हाल ही में शहर में कई आपराधिक घटनाएं—जैसे चाकूबाजी और हत्याएं—सामने आई हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में दहशत है। स्थानीय संगठनों ने पुलिस से रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने की मांग की। कलेक्टर ने भी बैठक बुलाई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने राजनीतिक रंग भी ले लिया, विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है।
आरोपियों की पहचान राजगढ़ निवासी राहुल पटेल, विजय साहू, अजय वर्मा और एक अन्य के रूप में हुई है। वे छत्तीसगढ़ में ठेकेदारी का काम करते थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्होंने युवती को पहले नजर रखा था। पुलिस अब उनके मोबाइल और अन्य सामान की फॉरेंसिक जांच कर रही। मनेन्द्रगढ़ एसपी ने बताया कि हाइवे नाकाबंदी ने अपराधियों को घेरा। यह ऑपरेशन करीब दो घंटे चला। युवती ने बताया कि अपहरण के दौरान वे बदसलूकी करने की कोशिश कर रहे थे।




