अंबिकापुर में DMF और शराब घोटाले पर एसीबी-ईओडब्ल्यू की बड़े पैमाने पर छापेमारी
ACB-EOW conduct massive raids in Ambikapur over DMF and liquor scam

अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में रविवार सुबह आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीम ने आबकारी विभाग और जिला खनिज निधि (DMF) से जुड़े घोटाले की जांच में करीब 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस छापेमारी का मकसद इन घोटालों में शामिल कथित दोषियों के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा करना तथा अवैध धनराशि और कागजात जब्त करना था।
यह छापेमारी रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव और अंबिकापुर सहित कई जिलों में की गई। अंबिकापुर में विशेष रूप से DMF फंड और आबकारी विभाग से जुड़े व्यक्तियों के आवास और कार्यालयों को निशाना बनाया गया। जानकारी मिली है कि इस कार्रवाई में कई फर्जी फर्मों के दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, डिजिटल रिकॉर्ड और अवैध लेनदेन के प्रमाण बरामद हुए हैं।
यह मामला उस कथित शराब घोटाले का हिस्सा है, जो 2019 से 2023 के बीच लागू शराब नीति में भ्रष्टाचार से जुड़ा है। जांच के अनुसार, शराब के खुदरा विक्रेताओं और सप्लायर फर्मों के बीच कमीशन और अवैध बिक्री के माध्यम से करोड़ों रुपये का हथियार चल रहा था। कई बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारी इस केस में पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
DMF घोटाले की जांच
DMF फंड से जुड़े घोटाले में आरोप हैं कि जिला खनिज निधि के टेंडरों में भारी हेरफेर किया गया, जिसमें कई कंपनी प्रतिनिधि और अधिकारी मिलीभगत से कमीशन वसूलते थे। टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान अनेक डिजिटल और वित्तीय कागजात जब्त किए हैं जो इस घोटाले की तह तक पहुंचने में सहायक होंगे।
छापेमारी के प्रमुख ठिकाने और आरोपित
-
अंबिकापुर में सप्लायर अमित अग्रवाल और पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद के ठिकानों पर दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए।
-
रायपुर में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के निवास पर तलाशी ली गई।
-
बिलासपुर में अशोक टुटेजा के ठिकानों पर रेड हुई, जो कथित शराब घोटाले में संलिप्त बताए जा रहे हैं।
एसीबी-ईओडब्ल्यू के अधिकारी लगातार गिरफ्तारियों और दस्तावेजों के आधार पर जांच को तेज कर रहे हैं। बैंक खाते सीज किए गए हैं, और संभावित आरोपी के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की आशंका है। जांच एजेंसियों ने हवाला नेटवर्क और नकदी के लेनदेन को भी ट्रैक करना शुरू कर दिया है।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक क्षेत्र में बड़े प्रभाव की उम्मीद है, क्योंकि यह घोटाला कई उच्च पदस्थ नेताओं और अधिकारियों से जुड़ा हुआ है। जनता की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं, और इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक संदेश देने की भी उम्मीद है।




