अंबिकापुर में 20 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन के मद्देनजर नो ड्रोन जोन घोषित, सुरक्षा बंदोबस्त कड़े
Ambikapur has been declared a no-drone zone in anticipation of President Draupadi Murmu's arrival on November 20th

अंबिकापुर में 20 नवंबर 2025 को आयोजित होने वाले जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और आयोजन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है। इस दिन वे राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विलास भोसकर ने सुरक्षा की दृष्टि से शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ग्राउंड, गांधी स्टेडियम परिसर और आसपास के क्षेत्रों को “नो ड्रोन फ्लाइंग जोन” घोषित किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में मनाए जाने वाले जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में हो रहा है। इस वर्ष यह दो दिवसीय विस्तारपूर्ण आयोजन अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में होगा, जहां विभिन्न जनजातीय कला प्रदर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जनजातीय परंपराएं और लोक संगीत की झलकियां प्रस्तुत की जाएंगी। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों के लिए गर्व का विषय होगा, बल्कि पूरे प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता की प्रतिनिधित्व भी करेगा।
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने गांधी स्टेडियम में राष्ट्रपति के आगमन हेतु बनाए जा रहे हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था, आगमन एवं निर्गमन मार्ग तथा आसपास की साफ सफाई का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने पीजी कॉलेज मैदान पहुंचकर मुख्य कार्यक्रम स्थल की तैयारियों की समीक्षा की जिसमें डोम पंडाल, बैठक व्यवस्था, वीआईपी गेट, यातायात बेरिकेडिंग, स्टॉल्स की सजावट, पेयजल, पार्किंग और बिजली व्यवस्था का भी समुचित निरीक्षण किया।
सोनमणि बोरा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि राष्ट्रपति के आगमन से पहले सभी व्यवस्थाएं उच्च मानकों के अनुरूप पूरी होनी चाहिए और कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से सम्पन्न किया जाए। इस निरीक्षण के दौरान सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, कलेक्टर विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने बारीकी से तैयारी की है। शासकीय स्नातकोत्तर कॉलेज के ग्राउंड एवं गांधी स्टेडियम के आसपास ड्रोन उड़ान प्रतिबंधित होगी ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती न पेश आए। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर उच्च गुणवत्ता वाली सुरक्षा प्रणाली स्थापित की गई है जिसमें वीआईपी सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरे, प्रवेश नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के अतिरिक्त आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
रेस्ट्रिक्शन के तहत ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है। प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील की है कि वे इस अवधि में विभिन्न सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचनाएं पुलिस या अधिकारियों को तुरंत दें।
जनजातीय गौरव दिवस के दो दिवसीय उत्सव में राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, अन्य मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की प्रमुख जनजातीय संस्कृतियों जैसे गोंड, बादरा, कुरुख और होtribal नृत्य, संगीत और लोक कला की जीवन्त प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
इस अवसर पर आयोजित होने वाली विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत, उनकी कलात्मकता और जीवन शैली की झलक पेश करेंगी। सभागार में आयोजित संगोष्ठियों और संवाद सत्रों में जनजातीय समस्या, विकास योजनाएं, तथा सामाजिक एवं आर्थिक विकास पर विचार विमर्श किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार यह आयोजन ऐतिहासिक एवं भव्य होने के साथ-साथ प्रदेश के जनजातीय समुदायों के लिए प्रेरणास्पद साबित होगा। प्रधानमंत्री ने इस दिन को हर वर्ष जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है जो पूरे देश में आदिवासी समाज की पहचान को मजबूत करेगा।
इस प्रकार, 20 नवंबर का दिन न केवल अंबिकापुर के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का दिन होगा जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जनजातीय गौरव दिवस की भव्यता को दर्शाते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक स्तर पर परिचय दिया जाएगा। प्रशासन की पूर्णतः तैयार सुरक्षा एवं आयोजन व्यवस्था इस दिन की सफलता की गारंटी है।




