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साइबर जागृति अभियान : खरसिया क्षेत्र के स्कूलों में धुआंधार जागरूकता अभियान

15 अगस्त विज्ञापन

 (गौरी शंकर गुप्ता)  *22 अगस्त, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत खरसिया पुलिस लगातार स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही है। एसडीओपी खरसिया श्री सतीश भार्गव के मार्गदर्शन एवं चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में खरसिया क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विवेकानंद कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में करीब 900 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगण और स्कूल स्टाफ को साइबर जागरूकता अभियान के उद्देश्य और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। वहीं शंकराचार्य स्कूल में करीब 500 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। आज लाल बहादुर शास्त्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरसिया में भी पुलिस टीम ने छात्राओं के बीच पहुंचकर साइबर अपराधों से बचाव को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

        कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी श्री सतीश भार्गव ने विद्यार्थियों को बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है। बच्चों और युवाओं को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए तथा किसी भी अनजान व्यक्ति, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि पर बिना सोचे-समझे भरोसा नहीं करना चाहिए।

      वहीं चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को बेहद सरल अंदाज में समझाया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध का खतरा केवल बड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चे और युवा भी इसके निशाने पर आ सकते हैं।

मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय अपनी निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध एप डाउनलोड करने, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से बातचीत करने अथवा किसी लालच में आकर अपनी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि सतर्कता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके साथ या उनके किसी परिचित के साथ कोई संदिग्ध साइबर घटना होती है तो डरने या छिपाने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी दें।

      निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को “साइबर जागृति अभियान” के क्यूआर स्कैनर के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ते हुए अपनी सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा की जा सकती है। इसका उद्देश्य केवल स्वयं साइबर जागरूक बनना नहीं, बल्कि अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस अभियान को केवल स्कूल तक सीमित न रखें, बल्कि “जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें” के संदेश के साथ साइबर सुरक्षा का संदेश घर-घर तक पहुंचाएं।

        खरसिया पुलिस द्वारा स्कूलों में लगातार चलाए जा रहे इन कार्यक्रमों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीधे जुड़ रहे हैं। चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें साइबर अपराधों की वास्तविक चुनौतियों और उनसे बचने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी जा रही है, जिससे साइबर जागरूकता अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है।

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