बिलासपुर-रतनपुर हाईवे पर पुल बीच से टूटा, चलती बस फंसी, अमरकंटक-जबलपुर मार्ग बंद

बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा रोड पर बांसाझाल पुल रविवार शाम अचानक दो हिस्सों में टूट गया। इस दौरान एक यात्री बस पुल पर फंस गई, सभी यात्री सुरक्षित हैं। पुल टूटने से अमरकंटक, जबलपुर, शहडोल और मनेंद्रगढ़ का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने यातायात बंद कर डायवर्जन रूट जारी किए हैं।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर स्थित बांसाझाल पुल रविवार शाम करीब 5 बजे अचानक दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के समय पुल से गुजर रही एक यात्री बस टूटे हिस्से के किनारे फंस गई, जिससे बस नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई। सभी यात्री सुरक्षित हैं।
पुल की हालत और हादसे की वजह
जानकारी के अनुसार, बांसाझाल का यह पुल करीब 35 साल पुराना था और जर्जर हालत में था। बारिश के बाद इसकी संरचना और कमजोर हो गई थी। यह पुल बिलासपुर-जबलपुर निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 पर बना है, जिसे 510 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। सड़क पर भी कई जगह दरारें पड़ गई हैं और किनारे टूट रहे हैं।
यातायात ठप, डायवर्जन जारी
पुल टूटने के बाद बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया। हादसे के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्री घंटों सड़क पर फंसे रहे। इस मार्ग से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक के अलावा मध्य प्रदेश के जबलपुर और शहडोल और छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ का सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने मौके पर बैरिकेडिंग कर वैकल्पिक मार्गों से यातायात बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित डायवर्जन मार्गों का ही उपयोग करें।
निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
यह पुल नेशनल हाईवे-45 परियोजना के तहत रतनपुर से पेंड्रा तक बन रही 97 किमी सड़क का हिस्सा है। 20 दिन पहले ही इस सड़क की स्थिति पर ग्राउंड रिपोर्ट में दरारें और धंसने की शिकायतें सामने आई थीं। पहली बारिश में ही नवनिर्मित सड़क की डामर परत कई जगह फट गई है, जिससे निर्माण में लापरवाही और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।




